सहकारिता विस्तार अधिकारी अनुज ओहदार विभाग को कर रहा खोखला

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विभागीय अधिकारियों एवं स्थानीय सफेद पोष नेताओं का मिला है संरक्षण 

वर्षों से अंगद बनाअनुज ओहदार शासन प्रशासन एवं विभाग को कर रहा बदनाम,युवा मोर्चा महामंत्री मनीष तिवारी ने कलेक्टर से किया शिकायत, उपार्जन केंद्र मंलगा, निगवानी, कोतमा धान खरीदी धांधली में अनुज ओहदार की भूमिका संदेहास्पद, अपने पावर का दुरुपयोग करते हुए अवैध वसूली कर कर्मचारियों का बढ़ाता है वेतन

अनूपपुर। सहकारिता उपायुक्त कार्यालय जिला अनूपपुर में पदस्थ सहकारिता विस्तार अधिकारी दर्जनों सहकारी समितियां के प्रशासक अनुज ओहदार शासन प्रशासन की योजनाओं पर बट्ठा लगाकर करोड़ों रुपए का गोलमाल किया है साथ ही कोतमा, निगवानी ,मंलगा धान उपार्जन केंद्रों में करोड़ों रुपए का धांधली हुआ है उसमें भी समिति प्रशासक अनुज ओहदार की भूमिका संदिग्ध है, कारण की अनुज ओहदार कर्मचारियों को खुली छूट देकर पंजीयक के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए मनमानी तरीके से उपार्जन का कार्य कराया जिसका परिणाम है कि धान उपार्जन में करोड़ो रुपए की क्षति शासन प्रशासन की हो रही है।

वर्षों से अंगद बना अनुज ओहदार

अपने दायित्व का निर्वहन कम करते हुए बल्कि सफेदपोश नेताओं के साथ महफिल अटेंड कर रात दिन नेतागिरी कर्मचारियों के बीच आपस में सिरफुटव्वौल अपने प्रशासकीय क्षेत्र के दर्जनों सहकारी समितियों में प्रतिदिन प्रबंधक बनाना और बिगड़ना लक्ष्मी एकत्र करना अनुज की आदत बन गई है। जानकारी मिली है कि यह सहकारिता विस्तार अधिकारी अनूपपुर जिले में लगभग 18 वर्षों से पदस्थ है और संस्था हित के अलावा सभी अन्य कार्यों में संलिप्त रहता है।

विभागीय अधिकारियों एवं स्थानीय सफेद पोष नेताओं का मिला है संरक्षण

प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनुज ओहदार विगत18 वर्षों से अनूपपुर जिले के तहसील पुष्पराजगढ़, अनूपपुर ,जैतहरी कोतमा क्षेत्र के सहकारी समितियों में नौकरी बजाता है,जहां भी इन्हें जिम्मेदारी दी जाती है वहां बंटाधार हो जाता है ऐसे लापरवाह अधिकारी के संरक्षण में जहां भ्रष्टाचार होता है वही उनके जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन्हीं के कलमो से जांच कराई जाती है इस कार्यशाली में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदेहास्पद मानी जा रही है जब इनके खिलाफ कोई मामला आता है तो अनुज सफेद पोस नेताओं के संरक्षण में जाकर अपने आप को बचाने में जुट जाते हैं ऐसी कार्यशैली से सत्ताधारी नेताओं की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

पंजीयक के यह है आदेश

कार्यालय आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयन सहकारी संस्थाएं मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा दिनांक12/4/2020 पत्र क्रमांक/साख/ विधि/ 2020/1588 डॉ एमके अग्रवाल आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयन सहकारी संस्थाएं मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा मध्य प्रदेश के संयुक्त आयुक्त सहकारिता संभाग समस्त मध्य प्रदेश,उप/ सहायक आयुक्त सहकारिता समस्त जिलाअधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किया था कि समर्थन मूल्य पर उपार्जन कार्य में प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रशासको का बड़ा दायित्व होगा। उन्होंने उल्लेख किया था कि विपणन संस्थानों में शासकीय प्रशासक नियुक्त हैं संस्थाओं की उपविधियों के अनुसार इस कार्य संचालन एवं इस हेतु विभिन्न स्वीकृतियों के एकमात्र अधिकार इन संस्थाओं के प्रशंसकों को ही प्राप्त है इसलिए समर्थन मूल्य पर उपार्जन के समस्त कार्य इन्हें संस्थाओं के प्रशंसकों के पूर्ण प्रशासकीय एवं वित्तीय नियंत्रण में संपादित किया जाएगा इसके लिए प्रशासकों को इन संस्थाओं के द्वारा संपादित किये जा रहे उपार्जन कार्य पर दिन प्रतिदिन पूर्ण नियंत्रण रखा जाएगा और उपार्जन अवधि में यथा संभव प्रतिदिन उपार्जन केदो पर स्वयं जाकर कार्य का पर्यवेक्षण और नियंत्रण करेंगे इन संस्थाओं के प्रशंसकों का दायित्व होगा कि उपार्जन कार्य निर्वाण रूप से संचालित किया जाए। पत्र में उल्लेख है कि प्रशासकों का दायित्व यह होगा कि उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता ना हो और उपार्जन केंद्रों तथा उपार्जन कार्य पर होने वाले व्यय इस कार्यालय द्वारा निर्धारित अधिकतम व सीमा के अधीन रहेंगे यदि उपार्जन कार्य में कोई अनियमितता होती है या अधिक व्यय होता है तो उस पर कार्यवाही एवं वसूली के लिए संस्था प्रशासक भी संस्था के कर्मचारियों के साथ सहभागी होंगे।

भाजपा नेता ने कलेक्टर से किया शिकायत

अनूपपुर ग्रामीण युवा मोर्चा के महामंत्री मनीष तिवारी ने सहकारिता विभाग के प्रबंधक के ऊपर गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज होने के बावजूद उन्हें प्रबंधक पद का प्रभार दिया गया है जबकि निगवानी लैम्पस प्रबंधक नागेंद्र जायसवाल द्वारा 63 बोरी 31 क्विंटल धान की कालाबाजारी करते हुए रंगे हाथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एसडीएम कोतमा द्वारा मौके पर जांच के साथ कार्यवाही करते हुए उक्त लोगों के विरुद्ध थाना कोतमा में धारा 420, 120 बी के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया परंतु प्रशासक अनुज ओहदार द्वारा मामला पंजीबद्ध होने के बावजूद भी आरोपी को पुनः लैंम्पस प्रबंधक का प्रभार सौंप दिया गया है उक्त मामले में आरोपी द्वारा राहत के तौर पर स्टे आदेश ले लिया गया है परंतु उन्हें मूल पद का प्रभाव न देते हुए लैम्पस प्रबंधक का प्रभाव दे दिया गया है जो की एक जांच का विषय है वहीं आरोपी को लेंस प्रबंधक पद से हटाकर उसके मूल पद सेल्समैन का प्रभार ही दिया जाए ऐसा उन्होंने शिकायत पत्र में कलेक्टर को अवगत कराया है।

सभी दस्तावेजों में प्रशासक के होते हैं हस्ताक्षर फिर भी नहीं लगता आरोप

ऋण वितरण कर्मचारियों का वेतन भुगतान, उपार्जन, निर्माण कार्य,खाद्यान्न के साथ-साथ सभी फाइलों में जिम्मेदार अधिकारी समिति प्रशासक के हस्ताक्षर होते हैं लेकिन आरोप सिर्फ प्रबंधन पर लगता है प्रशासक दूध के धुले साबित होते हैं जबकि पंजीयक के सख्त निर्देश है की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासक की भी होगी फिर भी उनके विभाग के अधिकारी इन्हें महामाला से स्वागत करते हैं जो जांच का विषय है।

अनुज के संरक्षण में हुआ धान उपार्जन में धांधली

सूत्र से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सहकारिता विस्तार अधिकारी कोतमा, निगवानी मंलगा का प्रशासक अनुज ओहदार के संरक्षण में करोड़ों रुपए की धान में धांधली हुआ है कोतमा में लगभग 50 लाख, मंलगा में 15 लाख, खरीदी प्रारंभ होते ही इन्हीं के संरक्षण में निगवानी में धान खरीदी केंद्र में अवैध जिला प्रशासन को मिली थी जहां कर्मचारियों पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ था आखिर जिले में सबसे अधिक भ्रष्टाचार अनुज ओहदार र के कार्य क्षेत्र में ही क्यों हो रहा है।

जांच टीम के भूमिका संदेहास्पद

धान उपार्जन केंद्र कोतमा, मंलगा, निगवानी में हुई धांधली में जो जांच टीम पूरे मामले की जांच कर रही थी वह प्रशासक अनुज ओहदार को दोषी नहीं मान रही है जबकि पंजीयक ने प्रशासक को भी उतना ही दोषी माना है जितना और कर्मचारियों को भूमिका साबित हो रही है लेकिन उप पंजीयन, डीएसओ ,नागरिक आपूर्ति विभाग एवं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी अनुज ओहदार प्रशासक को दोषी न मानते हुए खुला संरक्षण दे रहे हैं जिसके चलते दिन प्रतिदिन इनके कार्य क्षेत्र में प्याज की छिलके की तरह भ्रष्टाचार परत दर परत निकल रहा है।

अपने पावर का दुरपयोग कर करता है फर्जीवाड़ा

जानकारी मिली है कि प्रशासक अनुज ओहदार अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जिस सहकारी समिति में प्रशासक रहता है वहां के कर्मचारियों से अवैध वसूली कर नियम विरुद्ध कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर शासन के खजाने में डाका डलवा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक मानी जा रही है।

कर्मचारी का शोषण कर विभाग के अधिकारियों को पोस रहा अनुज

बताया गया है कि जिले के सहकारी समितियों के कर्मचारी को आपस में लड़ा कर गुटबाजी करता है और उन्हीं से मुंह मांगी राशि ऐठ कर अपना जेब गर्म करते हुए अधिकारियों को पोस रहा है।

अनूपपुर जिले से इनको हटाना आवश्यक

अनूपपुर जिले के सहकारी समिति कार्यक्षेत्र कोतमा, जैतहरी, अनूपपुर, पुष्पराजगढ़, तहसील क्षेत्र के कर्मचारी, आम जनता, किसानों ने मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, सहकारिता मंत्री एवं कुटीर एवं ग्राम उद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिलीप जायसवाल जी से मांग किए हैं कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को अनूपपुर जिले से बाहर स्थानांतरण करा कर उनके संदिग्ध भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

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