अनूपपुर: ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश त्रिपाठी ने दी शिवरात्रि पर्व की जानकारी*

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*ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश त्रिपाठी ने दी शिवरात्रि पर्व की जानकारी*


पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 8 मार्च 2024 को रात 9 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी। यह अगले दिन यानी 9 मार्च 2024 को शाम 6:17 बजे समाप्त होगी। ऐसे में महाशिवरात्रि व्रत 8 मार्च को रखा जाएगा।
*क्यों मनाई जाती हैं महाशिवरात्रि*
महीने में शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, लेकिन फाल्गुन माह की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि फाल्गुन माह की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। इसी वजह से फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।
*पौराणिक कथा के अनुसार, देवों के देव महादेव और मां पार्वती का विवाह फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हुआ था। इसी वजह से हर साल फाल्गुन माह में महाशिवरात्रि के पर्व को बेहद उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस विशेष अवसर पर शिव भक्त भगवान शिव की बारात निकालते हैं। साथ ही भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही व्रत करते हैं।मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से साधक को वैवाहिक जीवन से संबंधित सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। साथ ही दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
*महाशिवरात्रि की वैज्ञानिक मान्यता*
इस दिन रात में जागने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्‍व है. वैज्ञानिक रूप से देखें तो महाशिवरात्रि की रात में ब्रह्माण्ड में ग्रह और नक्षत्रों की ऐसी स्थिति बनती है जिससे शरीर के भीतर की ऊर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर ब्रह्मांड की ओर जाने लगती है.
*महाशिवरात्रि रात में ही क्यों मनाई जाती हैं*
ज्योतिषाचार्य पंडित अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि वैज्ञानिक रूप से देखें तो महाशिवरात्रि की रात उत्तरी गोलार्द्ध इस प्रकार अवस्थित होता है कि मनुष्‍य के शरीर के भीतर की ऊर्जा प्राकृतिक रूप से ऊपर ब्रह्मांड की ओर जाने लगती है. मानो प्रकृति स्वयं मनुष्य को उसके आध्यात्मिक शिखर तक जाने में मदद कर रही होती है. ऐसे में व्‍यक्ति को महाशिवरात्रि की रात को रीढ़ सीधी करके ध्‍यान मुद्रा में बैठने या मंत्रोच्‍चारण आदि करने की सलाह दी जाती है, ताकि व्‍यक्ति को इस प्राकृतिक स्थिति का ज्‍यादा से ज्‍यादा फायदा मिल सके.
*रात्रि पूजा का विशेष मुहूर्त*
तमाम लोग महाशिवरात्रि की रात को विशेष पूजा पाठ करते हैं. अगर आप भी महाशिवरात्रि पर विशेष पूजन करना चाहते हैं, तो ज्‍योतिषाचार्य अखिलेश त्रिपाठी से जान लीजिए रात्रि पूजन के चार प्रहर में पूजा का समय-
*रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय*
शाम 06 बजकर 25 मिनट से रात 09 बजकर 28 मिनट तक रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – रात 09 बजकर 28 मिनट से 9 मार्च को रात 12 बजकर 31 मिनट तक
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – रात 12 बजकर 31 मिनट से प्रातः 03 बजकर 34 मिनट तक रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – प्रात: 03.34 से प्रात: 06:37 तक रहेगा।

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