अनूपपुर में नवागत पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी का बड़ा प्रहार: राजेंद्रग्राम पुलिस ने पकड़ा 211 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजा, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
अनूपपुर जिले में नशे के काले कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियानों के अंतर्गत राजेंद्रग्राम पुलिस ने एक ऐतिहासिक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के दिशा-निर्देशों और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई से नशे के सौदागरों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
इस सनसनीखेज कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से एक डस्टर कार (नंबर CG 16 CA 9735), एक मोबाइल फोन और एक पर्स को भी अपने कब्जे में लिया है। हालांकि, शातिर तस्कर पुलिस की गिरफ्त से बच निकलने में कामयाब रहा, लेकिन खाकी की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और हर कोई इस अवैध नेटवर्क की गहराई तक जाने की मांग कर रहा है।
मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की बड़ी कामयाबी
दिनांक 30.10.2026 को राजेंद्रग्राम थाना पुलिस को एक पुख्ता मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि तेज रफ्तार से दो कारें अमगवां की तरफ से राजेंद्रग्राम की ओर आ रही हैं और उनमें कोई संदिग्ध सामान लोड है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरी. वीरेंद्र कुमार बरकरे ने बिना देर किए अपनी टीम के साथ अचलपुर गांव के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस बल की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में खलबली मच गई।
घेराबंदी के दौरान जैसे ही पुलिस ने संदिग्ध वाहन डस्टर कार को रोका, चालक ने पुलिस बल को नजदीक आते देख लिया। अंधेरे का लाभ उठाते हुए वह वाहन छोड़कर पास के खेतों में भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसका पीछा किया, परंतु अत्यधिक अंधेरा होने के कारण आरोपी खेतों की आड़ लेकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश अब सरगर्मी से की जा रही है।
भारी मात्रा में गांजा और अन्य सामग्री जब्त
फरार चालक के वाहन की जब बारीकी से तलाशी ली गई, तो उसमें से कुल 211 किलोग्राम 99 ग्राम अवैध मादक पदार्थ (गांजा) बरामद हुआ। जब्त किए गए इस अवैध गांजे की कुल अनुमानित कीमत लगभग 21,19,900 रुपए आंकी गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है और वाहन तथा अन्य सामान को जब्त कर लिया है।
सराहनीय पुलिस टीम और प्रशासनिक समन्वय
इस संपूर्ण कार्रवाई को सफल बनाने में एसडीओपी पुष्पराजगढ़ श्री दीपक सिंह मरावी, थाना प्रभारी निरी. वीरेंद्र कुमार, साउनि दीपचंद बर्मन, साउनि अवधलाल अहिरवार, साउनि आनंद प्रकाश बेक, प्र.आर. 144 धीरज तिलगाम, आर. 342 प्रवीण अचाले, आर. 214 राकेश कुमार, आर. 442 मोती सिंह, आर. 487 रविशंकर मरावी, आर. 335 पार्स जामोध, आर. 364 दोलू मईढ़ा, और म.आर. 227 रितु अहिरवार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही है। इन सभी ने लगन और निष्ठा का परिचय देते हुए इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
विकास को कब तक मिलेगा अभयदान?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में जहां एक ओर पुलिस लगातार दबिश दे रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर इस अवैध कारोबार से जुड़े तथाकथित संरक्षणदाताओं और इस सिंडिकेट से जुड़े ‘विकास’ जैसे किरदारों को कब तक कानून के शिकंजे से अभयदान मिलता रहेगा? जब तक इस पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचकर मुख्य सरगनाओं को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, तब तक इस तरह के मामलों पर पूर्ण विराम लगना कठिन है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ इस मामले की हर एक कड़ी को जोड़ने में जुटी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विकास जैसे लोगों को इस अवैध साम्राज्य में किस प्रकार का संरक्षण प्राप्त था।








