अनूपपुर: नए नेतृत्व से जगी अतिथि शिक्षकों की उम्मीदें

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अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बने शंभुचरण दुबे, चुनाव के बाद शिक्षकों में उत्साह
भोपाल में संपन्न हुआ प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव, अनूपपुर से जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में भोपाल पहुंचे अतिथि शिक्षक


अनूपपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भोपाल में संपन्न हुए चुनाव में शंभुचरण दुबे प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद अतिथि शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों की नजरें इस चुनाव पर टिकी थीं, वहीं अनूपपुर जिले से भी जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक भोपाल पहुंचे और चुनाव प्रक्रिया में सहभागिता की।
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को अतिथि शिक्षकों के संगठनात्मक भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अतिथि शिक्षक लंबे समय से अपने भविष्य को सुरक्षित करने, नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन से शिक्षकों को संगठन की मजबूती और अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से शासन तक पहुंचाने की उम्मीद है। अतिथि शिक्षकों का साफ कहना है कि अब हमारा भविष्य सुरक्षित करने को लेकर लड़ाई शुरू होगी जिसमें 12 माह सेवाकाल, पद स्थायित्व, वेतन वृद्धि समेत अन्य मुद्दों पर सरकार से आरपार की लड़ाई शुरू की जाएगी।

अनूपपुर से बड़ी संख्या में पहुंचे अतिथि शिक्षक

भोपाल में आयोजित चुनाव में अनूपपुर जिले के अतिथि शिक्षकों की भागीदारी भी चर्चा का विषय रही। जिला अध्यक्ष मनमाल साहू सहित, उपाध्यक्ष विपिन तिवारी, जिला सचिव व मीडिया प्रभारी धनपत पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष रामनरेश राठौर, जैतहरी ब्लॉक अध्यक्ष रविशंकर सोनी, कोतमा ब्लॉक अध्यक्ष रावेंद्र उपाध्याय, पुष्पराजगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश यादव समेत सक्रिय कार्यरत नागेंद्र सिंह, रामशंकर प्रजापति, परीक्षित सिंह, भगत पटेल, कविता प्रजापति, बुधराम मांझी, कविता प्रजापति, समेत जिले के लगभग 40 से अधिक अतिथि शिक्षक भोपाल पहुंचे और निर्वाचन में शामिल हुए उनकी सहभागिता ने संगठन के प्रति सक्रियता और एकजुटता को प्रदर्शित किया।

नए नेतृत्व से जगी अतिथि शिक्षकों की उम्मीदे

शंभुचरण दुबे के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद अतिथि शिक्षकों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई दिशा मिलेगी। शिक्षकों की लंबित मांगों को मजबूती से उठाने, प्रदेशभर के अतिथि शिक्षकों को एकजुट करने और उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी पहल करने की अपेक्षा की जा रही है।
अब सभी की निगाहें नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन की आगामी रणनीति और अतिथि शिक्षकों की मांगों को लेकर होने वाले प्रयासों पर टिकी हैं।