
घुलघुली/उमरिया -( देवलाल सिंह) कहीं गहरे गड्ढे, कहीं कीचड़ तो कहीं जमा गंदा पानी। हालात ऐसे कि पैदल चलना मुश्किल और साइकिल से गुजरना भी चुनौती बन गया है। यह तस्वीर जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत जरहा के घोरमरा टोला की है, जहां ग्रामीण वर्षों से पक्की सड़क की राह देख रहे हैं। बदहाल रास्ते ने ग्रामीणों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हो रही है, वहीं गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है।ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित उमरिया दौरे से पहले सड़क की बदहाली ने विकास के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। *ग्रामीणों ने अपनी समस्या के समाधान के लिए ग्राम पंचायत घुलघुली में आयोजित ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ के दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रत्यूष श्रीवास्तव और जनपद पंचायत करकेली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रभांशु सिंह को लिखित ज्ञापन सौंपा था।उस दौरान ग्रामीणों ने बताया था कि वे बीते कई वर्षों से सड़क समस्या से जूझ रहे हैं और कई बार शिकायत करने के बावजूद राहत नहीं मिली। अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक, अब तक हालात नहीं बदले। सड़क आज भी बदहाली की उसी तस्वीर को बयां कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उमरिया आगमन से घोरमरा टोला के ग्रामीणों की उम्मीदें फिर जाग उठी हैं।ग्रामीणों का सवाल है कि जब अभियान में ज्ञापन देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ,तो आखिर उनकी सुनवाई कब होगी?क्या जन विश्वास अभियान में मिला आवेदन केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा? ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से सड़क की बदहाली का संज्ञान लेकर पक्की सड़क निर्माण की स्वीकृति दिलाने की मांग की है,ताकि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों की आवाजाही और ग्रामीणों का दैनिक जीवन सुगम हो सके।







