
एकीकृत दर सूची लागू , पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम
अमरकंटक। श्रवण कुमार उपाध्याय। अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में पिछले सप्ताह से जारी टैक्सी विवाद का शनिवार को समाधान निकल आया । आज दिन शुक्रवार को नगर पंचायत सभागार में एसडीएम पुष्पराजगढ़ वसीम अहमद भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में अमरकंटक व छत्तीसगढ़ के गौरेला–पेंड्रा क्षेत्र के टैक्सी चालकों के बीच चला आ रहा तनाव सौहार्दपूर्वक समाप्त हो गया ।
बैठक में एसडीएम पेंड्रा रोड विक्रांत कुमार अंचल , एसडीओपी पुष्पराजगढ़ नवीन तिवारी , एसडीओपी गौरेला श्याम कुमार सिदार , SHO सौरभ सिंह , थाना प्रभारी अमरकंटक लाल बहादुर तिवारी व अन्य अधिकारी , पत्रकार तथा बड़ी संख्या में वाहन मालिक–चालक उपस्थित रहे ।
पर्यटन प्रभावित यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी
विवाद के कारण कई दिनों से अमरकंटक–पेंड्रा रोड के बीच टैक्सियों का संचालन लगभग ठप था ।
पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले पर्यटक , तीर्थयात्री तथा अमरकंटक से पेंड्रा आने-जाने वाले स्थानीय लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए ।
पर्यटन नगरी की छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ा ।
मामला मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ और संयुक्त बैठक बुलाकर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया ।
वन-वे प्रणाली पर सहमति , तनाव हुआ समाप्त
बैठक में दोनों क्षेत्रों के चालकों ने अपनी-अपनी समस्याएँ सामने रखीं ।
अमरकंटक के चालकों ने स्टेशन पर सवारियों की छीना-झपटी , अलग-अलग दरों पर विवाद और स्थानीय चालकों के हस्तक्षेप को मुख्य कारण बताया ।
लंबी चर्चा के बाद प्रशासन द्वारा वन-वे टैक्सी प्रणाली लागू करने पर दोनों पक्षों की सहमति बनी—
पेंड्रा के वाहन – पेंड्रा से सवारी भरकर अमरकंटक ला सकेंगे , पर वापसी में सवारी नहीं उठाएँगे ।
अमरकंटक के वाहन –
अमरकंटक से यात्रियों को पेंड्रा रेलवे स्टेशन तक छोड़ सकेंगे लेकिन स्टेशन से सवारी नहीं लेंगे ।
पूर्व-निर्धारित निजी बुकिंग , पारिवारिक यात्रा और टूर पैकेज पहले की तरह यथावत रहेंगे ।
सहमति बनते ही दोनों क्षेत्रों में आवागमन पुनः सामान्य हो गया ।
एकीकृत पर्यटन दर सूची लागू, वाहनों पर प्रदर्शन अनिवार्य
बैठक में अमरकंटक के पर्यटन स्थलों , परिक्रमा मार्ग और स्थानीय भ्रमण हेतु एक समान पर्यटन दर सूची भी स्वीकृत की गई ।
टैक्सी यूनियन अध्यक्ष आदित्य जायसवाल द्वारा प्रस्तुत दर सूची को एसडीएम ने अनुमोदित किया और आदेश दिया —
हर टैक्सी वाहन को अपनी गाड़ी के आगे दर सूची चस्पा करना अनिवार्य होगा ।
निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने पर चालक के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई होगी ।
सिर्फ वाहनों पर ही नहीं , बल्कि अमरकंटक के सभी होटल , आश्रम , धर्मशालाएँ और आवासीय संस्थान भी इस दर सूची को अपने परिसर में प्रदर्शित करेंगे ताकि पर्यटकों को सही जानकारी मिल सके और भ्रम की स्थिति न बने ।
उल्लंघन पर जुर्माना और वाहन जब्ती
प्रशासन ने दोनों यूनियनों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सहमति से बने नियमों का पालन अनिवार्य है ।
उल्लंघन की स्थिति में—
₹2100 अर्थदंड तथा अधिकतम सात दिन की वाहन जब्ती की कार्रवाई लागू होगी ।
पारदर्शिता और व्यवस्था की नई शुरुआत
प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था से न केवल विवाद समाप्त हुआ है बल्कि अमरकंटक की पर्यटन सेवाएँ अब अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी होंगी ।
स्थानीय प्रशासन, टैक्सी यूनियनों और पर्यटन व्यवसायियों के सहयोग से क्षेत्र में पर्यटन-अनुकूल माहौल पुनः स्थापित हो गया है ।








