एंटीबायोटिक दवाओं के कारण जीवाणुओं की बढ़ती हुई प्रतिरोधक क्षमता को लेकर दी जानकारी
मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु डाक्टरों एवं स्टाफ को जागरूक किया
शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। शिवपुरी में सोमवार को भारतीय बाल अकादमी शिवपुरी ने शासकीय श्रीमंत विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज में एंटीबायोटिक दवाओं के लिए जीवाणुओं की बढ़ती हुई प्रतिरोधक क्षमता की रोकथाम हेतु , प्रशिक्षु डाक्टरों एवं स्टाफ को जागरूक किया।
विश्व भर में ये एक बहुत ही गंभीर समस्या देखने में आ रही है। जो भी बीमारियों के कारक जैसे बैक्टीरिया, वायरस, फंगस, एवं परजीवी हैं ये दवाओं के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं, जिसके फलस्वरूप ये दवाएं रोगी की बीमारी में असर नहीं करती हैं। लगभग 7 सात लाख लोग प्रति वर्ष इस कारण मौत के मुंह में चले जाते हैं। कार्यक्रम में डा निसार अहमद बाल रोग विशेषज्ञ, डा प्रियंका गर्ग एसोसिएट प्रोफेसर पीडियाट्रिक्स विभाग, डॉ राजेन्द्र पवैया असो प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के बारे में इंटर्न डाक्टर और स्टाफ को विस्तार पूर्वक जानकारी दी और इसके बचाव के उपाय भी बताए। इस कार्यक्रम में आमजन को इसके बचाव हेतु निम्न उपाय करना बताया गया। इनमें अपने चिकित्सक से सलाह लेकर सही दवा, सही मात्रा में, और सही समय तक लेना चाहिए। कभी भी काउंटर पर से दवा लेकर इलाज न करें। स्वयं कोई भी दवा न लें। कुछ बीमारियां निश्चित समयावधि में ठीक हो जाती हैं, जैसे सामान्य सर्दी ज़ुकाम इसमें अनावश्यक रूप से एंटीबायोटिक दवाएं नहीं लेना चाहिए। चिकित्सकों को भी रोग का सही निदान कर रोग के अनुसार सही दवा से सही मात्रा (डोज) में निश्चित समयावधि तक उपचार प्रदान करना चाहिए।








