चचाई पॉवर प्लांट की जमीन पर अवैध रूप से हो रहा शराब दुकान का संचालन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

चचाई के वार्ड क्रमांक 06 में संचालित हो रही शराब दुकान का मामला
अनूपपुर। अमरकंटक विद्युत गृह चचाई में काफी मात्रा में खाली जमीन पड़ी हुई है। इस जमीन पर बेधड़क बिना मंजूरी के कई ऐसे काम का संचालन हो रहा है। जिसमें विभाग की मिलीभगत सामने आ रही है ग्राम पंचायत केल्हौरी के वार्ड क्रमांक 6 चचाई में अंग्रेजी विदेशी शराब दुकान का संचालन हो रहा है। प्लांट की जमीन बिना मंजूरी के शराब दुकान का संचालन हो रहा है। सीधे तौर पर राजस्व की चोरी का मामला देखा जा सकता है। शराब माफिया दुकान की आड़ में लाखों का मुनाफा कमा रहा है जिसका सीधे राजस्व का नुकसान अमरकंटक ताप विद्युत गृह को हो रहा है मगर विभाग नोटिस देकर कार्यवाही करने में ही परहेज कर रहा हैं।
ऊर्जा नगरी चचाई में अवैध व्यापार इन दोनों जोर से चल रहा है इसी की आड़ में सरकारी जमीन पर धड्डले से शराब माफिया वार्ड क्रमांक 6 में शराब दुकान का संचालन कर रहे हैं यह शराब दुकान बाकायदा निर्माण करके बनाई गई है लेकिन अमरकंटक ताप विद्युत के सिविल विभाग शराब दुकान संचालन के मामले में प्लांट प्रबंधन चुप्पी साधे हुए हैं जिसके चलते अब यह मुद्दा आम लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जमीन प्लांट की फायदा शराब माफिया का
जिस जमीन पर शराब दुकान का संचालन हो रहा है वह प्लांट की जमीन बताई जा रही है। शराब दुकान संचालन की आड़ में राजस्व की चोरी साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। मगर इसकी सुध लेने वाले अपने आप को इस मामले से अलग बता रहे है।
मिली भगत आ रही सामने
इस मामले में लगातार विभाग के सिविल विभाग से लेकर प्लांट के इंचार्ज व एमडी तक से बातचीत में एक बात तो साफ नजर आई है जहाँ बिना मिली भगत के इतनी बड़ी शराब दुकान का संचालन प्लांट की जमीन पर हो पाना संभव नहीं है कार्यवाही की जगह शराब दुकान को केवल नोटिस जारी कर विभाग अपना पल्ला झाड़ लेता है ताकि टेबल के नीचे से आने वाली रकम बदस्तूर आती रहे।
जिम्मेदार बने अनजान
जिस तरह से पावर प्लांट की जमीन पर शराब दुकान का संचालन हो रहा है उससे कहीं ना कहीं एक बात तो साफ हो रही है कि इसका आर्थिक लाभ सीधे तौर पर प्लांट प्रबंधन को मिल रहा है लेकिन सरकार की खजाने में कोई भी रकम नहीं पहुंच रही है प्लांट प्रबंधन के द्वारा बाकायदा अलग-अलग विभागों में प्रबंधकों की नियुक्ति इस उम्मीद से कराई गई थी ताकि सभी अपनी जिम्मेदारी समझते हुए प्लांट के हित में अपना काम करें लेकिन शराब दुकान के मामले में ऐसा होता नहीं दिख रहा है जिसमें कहना गलत नहीं होगा की जिम्मेदार ही अनजान बने बैठे हुए है।

प्रवंधन पर खड़े हो रहे सवाल 

अमरकंटक ताप विद्युत ग्रह चचाई एक सरकारी संस्था है इसकी जिम्मेदारी ऊर्जा मंत्री से लेकर प्रबंधन में बैठे सभी अधिकारियों की बनती है। क्या ऊर्जा मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे क्या मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कं.लि.के अमरकंटक ताप विद्युत् चचाई में मंडल /कंपनी की जमीन पर देशी एवं अंग्रेजी शराब के विक्रय हेतु कक्ष बनाकर किराये से दिया गया हैं, यदि हाँ तो वर्ष 2021 से 2025 तक कितनी राशी राजस्व के रूप में कंपनी को प्राप्त हुई हैं, और यदि नहीं तो मंडल /कंपनी की जमीन पर वर्षों से अवैध गतिविधियों के संचालन पर रोक हेतु कड़े कदम क्यों नहीं उठाय गये।

कब्ज़े धारी बने भू स्वामी
अमरकंटक ताप विद्युत ग्रहों की जमीन पर जितने भी कब्जाधारी हैं वह कब्जे के अलावा अब मालिक बनने की भी फिराक में है अवैध शराब दुकान के मामले में इसी तरह की चीज सामने आई है जहां पर कब्जाधारी खुद दुकान बनाकर शराब व्यापारी को दुकान किराए पर दे दिया है वहीं दूसरी ओर प्रबंधन का कहना है कि दुकान हटाने के लिए हमें राजस्व विभाग की मदद की जरूरत पड़ती है पिछले साल भर से उसे तीन नोटिस दिया गया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कहीं ना कहीं सरकारी जमीन पर कब्जाधारी गोस्वामी हो चले हैं

इनका कहना है।
हमारा इसमें कोई रोल नहीं है न हमें इसका काम देखते हैं।

रजनीश मिश्रा, वित्त विभाग, पावर प्लांट चचाई
शराब दुकान संचालक को नोटिस जारी की गई है आगे की करवाई जा रही है जैसा ऊपर सदेश मिलेगा उसे पर कार्रवाई की जाएगी।
शैलेंद्र जैन, सिविल विभाग, चचाई पॉवर प्लांट

पिछले साल से 3 नोटिस दी गईं है। दुकान हटाने के लिए राजस्व विभाग से मदद के बिना दुकान नही हटाई जा सकती है। इस मामले में किसी तरह का राजनैतिक दबाब मुझें तो नही मिला है।

अशोक गुप्ता, कार्यपालन अभियंता, सिविल विभाग चचाई पॉवर प्लांट