
अमरकंटक। श्रवण कुमार उपाध्याय। अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में मंगलवार की सायं कालीन पधारे छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान शिव की तपोस्थली एवं माँ नर्मदा के पवित्र उद्गम स्थल अमरकंटक (मध्य प्रदेश–छत्तीसगढ़ सीमा) में माँ नर्मदा के शक्तिपीठ में आज बुधवार को उद्गम स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं दर्शन कीये ।
अमरकंटक नर्मदा नदी का उद्गम स्थल है और हिंदू धर्म में अत्यंत पावन एवं महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र माना जाता है । मान्यता है कि यहाँ माँ नर्मदा के दर्शन से श्रद्धालुओं को मानसिक शांति , सकारात्मक ऊर्जा और जीवन में समृद्धि की अनुभूति होती है ।
दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर
भूपेश बघेल ने माँ नर्मदा मंदिर में विधिवत पूजन , आरती एवं जलाभिषेक में भाग लिया तथा माँ नर्मदा के पावन जल का आशीर्वाद प्राप्त किया । श्रद्धा भाव से उन्होंने माता नर्मदा जी के चरणों में नमन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की । यह शक्तिपीठ 51 शक्तिपीठों में से एक महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है जिसका उल्लेख रामायण एवं पुराणों में भी मिलता है ।
अमरकंटक का धार्मिक महत्व
अमरकंटक को भगवान शिव की तपोस्थली कहा जाता है और यहीं से माँ नर्मदा का प्राकट्य हुआ माना जाता है । नर्मदा उद्गम कुंड एवं मंदिर परिसर में प्रतिदिन पूजा-अर्चना एवं आरती होती है । देशभर से श्रद्धालु यहाँ आकर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करते हैं ।
भूपेश बघेल का आध्यात्मिक संदेश
दर्शन के उपरांत छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने कहा कि “माँ नर्मदा की कृपा से सभी के जीवन में सुख , शांति और समृद्धि बनी रहे । इस पावन स्थल पर आकर मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है जो कठिन समय में आस्था के साथ मार्गदर्शन प्रदान कराती है।”
यह धार्मिक यात्रा न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही बल्कि सामाजिक एवं सांस्कृतिक रूप से भी विशेष मानी गई है । कारण कि अमरकंटक भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का एक प्रमुख केंद्र है ।








