लोक अदालत में पति पत्नि हुए एक, 947 मामलों का हुआ निराकरण

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नेशनल लोक अदालत में 1558 व्यक्तियों को लाभांवित कर 4 करोड़ से अधिक का अवार्ड पारित

शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार आज शनिवार को जिला मुख्यालय एवं तहसील न्यायालयों में नेश्नल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के एडीआर भवन में प्रधान जिला न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद सोनी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय जोगिन्दर सिंह, विशेष न्यायाधीश वंदना जैन, प्रथम जिला न्यायाधीश विवेक शर्मा, जिला न्यायाधीश योगेन्द्र कुमार त्यागी, षष्टम जिला न्यायाधीश बलराम यादव, चतुर्थ जिला न्यायाधीश डी.के. सिंह, पंचम जिला न्यायाधीश विवेक पटेल, सप्तम जिला न्यायाधीश अमित कुमार गुप्ता, तृतीय जिला न्यायाधीश विधान माहेश्वरी, न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि कुमार बौरासी, जितेन्द्र मेहर, पूजा पाठक बौरासी, अमित प्रताप सिंह, रूपम तोमर, प्रत्यक्षा कुलेश, मिताली वाणी, जिला विधिक सहायता अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र कुमार चढ़ार, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ विजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता संघ शैलेन्द्र समाधिया, एलडीएम संजय जैन, अरूण शर्मा, डी.जी.एम. विद्युत विभाग, बीमा कंपनी अधिवक्ता दिलीप गोयल, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल आलोक श्रीवास्तव, समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत में जिले में कुल 29 खण्डपीठों के माध्यम से 947 मामलो का निराकरण हुआ एवं लगभग 1558 से अधिक पक्षकार लाभान्वित हुए। निराकृत मामलों में विचाराधीन मामले 406 एवं प्रिलिटिगेशन स्तर के मामले 541 शामिल थे। उक्त निराकृत प्रकरणों में 40133615 रुपए का अवार्ड पारित किया गया।
लोक अदालत में पति पत्नि हुए एक
एक प्रकरण में जिसमें नीतेश विश्वास ने धारा 9 हिन्दू विवाह अधिनयम का प्रकरण अपनी पत्नि श्रीमती पार्वती सिकदर को साथ रखने हेतु लगाया था। जिसमें युवक बदरवास का एवं युवती केरल की थी। उक्त प्रकरण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र प्रसाद सोनी तथा नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ क्रमांक 01 के पीठासीन अधिकारी जोगिन्दर सिंह प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय शिवपुरी ने उभयपक्ष के मध्य सुलह कराई गई। जिसमें युवक एवं युवती साथ रहने हेतु सहमत हुए। उभयक्ष ने न्यायालय के समक्ष एक-दूसरे को माला पहनाई तथा वे न्यायालय से ही साथ घर गए।

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