गोराटीला झरने के पानी से 4 बच्चों की मौत का मामला

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प्रशासन ने 50 लोगों के लिए ब्लड सैंपल, पानी की भी जांच शुरू

– कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने किया झरने का निरीक्षण, गांव में स्वास्थ्य विभाग का सर्वे शुरू

– रेडक्रॉस से पीड़ित परिवारों को 1.5-1.5 लाख की राहत, रिपोर्ट आने तक झरने का पानी उपयोग न करने की अपील

शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। जिले के ग्राम गोराटीला में झरने के पानी के संपर्क में आने के बाद चार बच्चों की दुखद मृत्यु की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने घटना का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग और राजस्व अमले को तत्काल मौके पर भेजा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवपुरी शहर के वार्ड क्रमांक 9 हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद और फिजिकल थाना के सामने निवासरत तनवीर के परिवार के कुल 15 सदस्य रविवार को ग्राम गोराटीला स्थित झरने पर पिकनिक मनाने गए थे। बताया जा रहा है कि परिजनों ने झरने में स्नान किया और वहीं खाना खाया। कुछ देर बाद बच्चों सहित कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। गंभीर हालत में बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चार बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल जांच के निर्देश दिए। मंगलवार को ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों की दो विशेष टीमें गठित कर पिकनिक में शामिल सभी 15 सदस्यों सहित संपर्क में आए कुल 50 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है। वहीं तौकीर अहमद की 17 वर्षीय पुत्री ताशीन की जांच में कुछ समस्या पाए जाने पर उसका अल्ट्रासाउंड कराकर उपचार शुरू किया गया है और चिकित्सकों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।

इसके साथ ही झरने के पानी के भी सैंपल लिए गए हैं, ताकि यह पता चल सके कि पानी में किसी प्रकार का संक्रमण या जहरीला तत्व तो नहीं है। कलेक्टर के निर्देश पर कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने प्रशासनिक अमले, पटवारी, सरपंच और ग्रामवासियों के साथ सिद्ध बाबा बरसाती नाले से निकलने वाले झरने और गोराटीला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गांव में घर-घर सर्वे करने और किसी भी ग्रामीण में लक्षण दिखने पर तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ग्रामीणों से अपील की है कि जांच रिपोर्ट आने तक झरने के पानी का उपयोग नहाने, पीने या किसी भी घरेलू कार्य में न किया जाए। उधर मानवीय संवेदना दिखाते हुए अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को 1.5-1.5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे।