शिवपुरी के एकमात्र बलदाऊ जी मंदिर में धूमधाम से मना जन्मोत्सव, छप्पन भोग और भंडारा

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नीलगर चौराहे स्थित 100 साल पुराने मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, चार पीढ़ियों से हो रही पूजा

– हलधर के नाम से पूज्य हैं श्रीकृष्ण के बड़े भाई, शेषनाग के अवतार माने जाते हैं बलराम

शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम के बीच शिवपुरी में भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी का जन्मोत्सव बुधवार को भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के पुरानी शिवपुरी स्थित नीलगर चौराहे के पास एक मकान के अंदर स्थित बलदाऊ जी के मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर को फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया और भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

शिवपुरी का एकमात्र बलदाऊ जी का मंदिर –

यह मंदिर शिवपुरी का एकमात्र बलदाऊ जी का मंदिर है और स्थानीय लोगों के अनुसार 100 साल से भी अधिक पुराना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बलदाऊ जी को बलराम जी के नाम से भी जाना जाता है। वे भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई थे और शेषनाग के अवतार माने जाते हैं। उन्हें हलधर भी कहा जाता है, क्योंकि वे सदैव अपने साथ हल धारण करते थे।

चार पीढ़ियों से जारी है मंदिर की पूजा-

मंदिर में पूजा करने वाले पुजारी बंटी ने बताया कि उनके परिवार की चार पीढ़ियां इस मंदिर में सेवा कर रही हैं। उनके दादा, परदादा और पिता ने भी यहां पूजा-अर्चना की है और यह परंपरा आज भी जारी है।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पहले मनाया जाता है बलराम जी का जन्म उत्सव-

सामाजिक और धार्मिक कार्यों से जुड़े मनीष शिवहरे ने बताया कि बलराम जयंती श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से दो दिन पहले मनाई जाती है। शिवपुरी में बलदाऊ जी का यह एकमात्र मंदिर होने से इसका विशेष महत्व है। बुधवार को बलराम जयंती पर यहां दिनभर धार्मिक कार्यक्रम चले और बड़ी संख्या में धर्म प्रेमी मौजूद रहे।