
घुलघुली/उमरिया। देबलाल सिंह। उमरिया जिले के जनपद पंचायत करकेली के अंतर्गत कौड़िया 63: फसल बीमा वितरण में एक हैरान करने वाली विसंगति सामने आई है। *आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लैंम्मस कंचनपुर* के किसानों को पिछले वर्ष की तरह इस बार भी फसल बीमा का लाभ मिल चुका है। इसके ठीक उलट, *लैंम्मस कौड़िया 63 समिति* के किसानों को पिछले कई वर्षों से बीमा की फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई है।
*एक ही बैंक शाखा, फिर ऐसा भेदभाव क्यों?*
मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि दोनों सहकारी समितियां एक ही बैंक शाखा के अंतर्गत संचालित होती हैं। जब एक ही बैंक शाखा से *दोनों सहकारी समितियों का काम होता है*, तो कंचनपुर समिति के किसानों का बीमा क्लेम पास हो जाता है और कौड़िया 63 के अन्नदाताओं का डेटा अटक जाता है। हर सीजन में बैंक खातों से फसल बीमा की प्रीमियम राशि नियम से कटने के बावजूद कौड़िया 63 के किसानों को मुआवजे से वंचित रखा जा रहा है।
*शासन-प्रशासन से निरीक्षण की मांग, आंदोलन की चेतावनी*
इस गंभीर विसंगति को लेकर कौड़िया 63 समिति के पीड़ित किसानों में भारी आक्रोश है। महेंद्र सिंह नयागांव, सुखलाल सिंह नयागांव ,शंभू सिंह सकरवार, अमर सिंह नयागांव रामसेवक सिंह नयागांव ,सुंदर सिंह नयागांव ,महादेव सिंह जरहा ,गंगा सिंह कटंगी ,तीरथ सिंह जरहा ,भैया लाल सिंह जरहा ,रामकुमार सिंह नरवार ,तीरथ सिंह नरवार,राम प्रसाद सेन नरवार ,एवं अन्य किसानों ने *शासन और जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और निरीक्षण कराने की मांग की है*। अन्नदाताओं का कहना है कि प्रशासन तुरंत जांच कर कौड़िया 63 के पात्र किसानों को उनका फसल बीमा दिलाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे।








