अनूपपुर: मछुआरा सहकारी समिति के ऊपर जिला पंचायत उपाध्यक्ष का अत्याचार

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मछुआरा सहकारी समिति के ऊपर जिला पंचायत उपाध्यक्ष का अत्याचार

सिंह वाहिनी मछुआरा समिति आमाडांड के सदस्यों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

पद का गलत उपयोग का रही जिला पंचायत उपाध्यक्ष

अनूपपुर। जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती राठौर व उसके पति वाल्मीकि राठौर के ऊपर गंभीर आरोप लगाते हुए मछुआरा सहकारी समिति आमाडांड के सदस्यों ने कलेक्टर अनूपपुर से शिकायत कार्यवाही की मांग की है। ग्राम पंचायत मुंडा के दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए बताया कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर्वती राठौर व उसके पति द्वारा मनमानी करते हुए गलत तरीके से तालाब आवंटन की प्रक्रिया और ग्राम पंचायत भवन में तालाबंदी करते हुए दर्जनों ग्रामीण का रोजगार छीनकर उन्हें जेल भिजवाने की धमकी तक दे डाली है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष व उसके पति के ऊपर पूर्व में भी ग्रामीणों ने कई आरोप लगाए इनके ऊपर पैसा लेकर कर स्वीकृत कराने से लेकर अपने चहेतों को काम दिलाना और गरीब लोगों को धमकाने डराने का कार्य शुरू से कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत मुंडा के ग्रामीणों ने बताया कि तालाब में मछली पालन हेतु उनके द्वारा आवेदन दिया गया था लेकिन शासन के नियमों को धता बताते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं उनके पति के द्वारा अपने चेहरे पर व्यक्ति को कार्य देना और अन्य मजदूरों को यह कह देना कि तुम्हारा काम यहां से खत्म हो चुका है तुम यहां से निकलो अन्यथा सबको जेल भिजवा देंगे। ऐसा कथन निश्चित तौर पर एक जनप्रतिनिधि के कार्य प्रणाली और उसकी नीयत पर सवाल खड़ा करता है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष के ऊपर गंभीर आरोप

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मुण्डा के ग्राम पंचायत भवन में जनता को गुमराह कर ताला बंदी की कार्यवाही कराई गई। जबकि वास्तविकता यह है कि ग्राम पंचायत मुण्डा के रानी सागर जलाशय मुण्डा पंचायत के अध्यक्ष सिंहवाहिनी महुआ सहकारी समिति मुंडा आमांडांड़ को जलाशय न दिलवाकर इनके चहेते दूसरे पंचायत की तिपान मछु‌आ महकारी समिति मर्यादित बीड़ को जलाशय मछली पालने हेतु प‌ट्टे में दिलावाना चाहते थे लेकिन शासन के दिशा निर्देश के अनुसार मत्त्य विभाग के अधिकारी वर्षा दुर्गा एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष प्रीति सिंह द्वारा नियमों के अन्तर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी एवं आपके द्वारा नियमो के अंतर्गत प‌ट्टा दिये जाने के पहल पर ग्राम पंचायत मुण्डा की समिति अध्यक्ष सिंहवाहिनी मछुआ सहकारी समिति मुण्डा आमांडांड़ को पट्टा आवंटित किया गया। पट्टा मिलने से जिला पंचायत उपाध्यक्ष पार्वती राठौर एवं उसके पति वाल्मीक राठौर व सरपंच एवं उसके पति द्वारा अपनी ओछी मानसिकता का परिचय देते हुये कुछ ग्रामीण जनों को लेकर समिति के सदस्यों को गंदी-गंदी गाली गलौच करते हुये दिनांक 10.6.2026 को रानी सागर जलाशय से जाल खिचवाकर मछली मारने वाले जाल को जप्त कर लिये है और यह बोलने लगे कि जलाशय में दिखोगे तो पुलिस से कार्यवाही कराकर जेल भेज देगे।

क्या कानून से बड़ा है उपाध्यक्ष का पद ?

जिला पंचायत उपाध्यक्ष पर्वती राठौर के ऊपर पूर्व में भी कई गंभीर आरोप लगा चुके हैं वर्तमान में ग्राम पंचायत मुंडा के दर्जनों ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए बताया कि उनके द्वारा शासन के नियमानुसार तालाब लीज की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही थी लेकिन उपाध्यक्ष होने के कारण उन्होंने नियम कानून को ही धता बताते हुए अपनी मनमानी कर अपने चेहरे पर व्यक्ति को आवंटन कर दिया। वही इस पूरे मामले में दर्जनों ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर अनूपपुर से शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।