बिजली ठेकेदार से मिलीभगत छुलहा पंचायत में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल
सचिव पुष्पेंद्र पर गंभीर आरोप विकास के नाम पर लाखों की बंदरबांट
बिजली कनेक्शन के नाम पर ठेकेदार को किया गया लाखों का भुगतान

अनूपपुर। जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत छुलहा इन दिनों भारी भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत के सचिव पुष्पेंद्र पांडेय पर बिजली ठेकेदार के साथ सांठगांठ कर सरकारी धन की खुली लूट के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की गई, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है।

कागजों में चमकता विकास, जमीन पर अंधेरा
गांव में बिजली ट्रांसफार्मर, बिजली पोल और वायरिंग जैसे कार्यों के लिए लाखों रुपए खर्च दिखाए गए हैं, लेकिन कई जगहों पर न तो लाइट पहुंच रही है और न ही काम पूरा हुआ है। जहां काम हुआ भी है, वहां गुणवत्ता बेहद खराब बताई जा रही है। वहीं बिजली ठेकेदार से सांठगांठ कर लाखों रुपए का भुगतान किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव और बिजली ठेकेदार न्यू अदिति इलेक्ट्रिकल्स से मिलीभगत कर फर्जी बिल बनाकर राशि का बंदरबांट करने का आरोप लग रहा है।
एक साल में लाखों का खेल — कौन है जिम्मेदार
सूत्रों की मानें तो बीते एक साल में पंचायत में कई योजनाओं के नाम पर लाखों रुपए निकाले गए, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हुआ। धरातल में कहीं भी निर्माण कार्य पूरा नजर नहीं आता है। अधूरे कार्यों को पूरा दिखाकर भुगतान, बिना काम के बिल पास, घटिया सामग्री का इस्तेमाल इन सभी मामलों ने पंचायत की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों ने लगाया आरोप, कहा निर्माण कार्य घटिया
गांव के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त में बताया कि पंचायत में कहीं ऐसे कार्य किए गए हैं जहां पर निर्माण कार्य एकदम घटिया और निम्न स्तर का है वही निर्माण कार्य को पूर्ण दर्शाकर भुगतान पूरा कर लिया गया है पंचायत में जब से सचिव पुष्पेंद्र पांडेय आए हुए हैं तब से लगातार निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन इनके निर्माण कर में भ्रष्टाचार को लेकर कभी भी कोई जांच नहीं होती और ना ही किसी प्रकार की कार्यवाही होती जिससे इनके हौसले बढ़े हुए हैं।
पूर्व के पंचायत में भी कर चुके हैं लाखों का भ्रष्टाचार
सचिव पुष्पेंद्र पांडे पूर्व में भी कई पंचायत में पदस्थ रह चुके हैं और उनके ऊपर भ्रष्टाचार के दर्जनों आरोप लग चुके हैं। लेकिन उनकी पकड़ इतनी तगड़ी है कि इनके निर्माण कार्य को लेकर ना तो विभागीय अधिकारी किसी प्रकार की जांच करते हैं और ना ही कोई कार्यवाही होती है जिस कारण से इनका भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड दिनों दिन और भी बढ़ता जा रहा है। पूर्व में इनके ऊपर लाखों रुपए के गबन के आरोप लग चुके हैं।
इनका कहना है
इस समय मै छुट्टी में हु आप रोजगार सहायक से बात कर लीजिए।
पुष्पेंद्र पांडेय, सचिव, ग्राम पंचायत छुलहा






