
अनूपपुर। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में एक शिक्षक द्वारा छात्रा के साथ पास कराने के नाम पर अश्लील हरकत एवं आपराधिक कृत्य किए जाने के गंभीर आरोपों के विरोध में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नेतृत्व में हजारों छात्र–छात्राओं ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के समक्ष विशाल धरना एवं आंदोलन किया।
धरना-प्रदर्शन के दौरान छात्र–छात्राओं ने सर्वसम्मति से मांग की कि आरोपी शिक्षक डॉ. नयन साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा डॉ. नयन साहू जैसे चरित्रहीन शिक्षक का संरक्षण करने वाले लगभग 10 शिक्षकों को भी निलंबित कर उनके विरुद्ध निष्पक्ष जांच कराई जाए। उल्लेखनीय है कि डॉ. नयन साहू विश्वविद्यालय के तथाकथित शिक्षक संघ के महासचिव हैं और इसी पद की आड़ में उन्होंने एक नहीं, बल्कि दर्जनभर छात्राओं के साथ गैरकानूनी एवं अश्लील गतिविधियाँ की हैं। एक के बाद एक कई छात्राएँ अब सामने आकर शिकायत दर्ज करा रही हैं।
धरना स्थल पर अभाविप कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. मूर्ति ने बताया कि डॉ. नयन साहू के विरुद्ध आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा जांच पूरी कर ली गई है तथा जांच रिपोर्ट थाना प्रभारी, अमरकंटक को सौंप दी गई है। वहीं तहसीलदार पुष्पराजगढ़ ने बताया कि पूरे प्रकरण से कलेक्टर, जिला अनूपपुर को अवगत करा दिया गया है। कुलसचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को लिखित रूप में आश्वासन दे दिया गया है कि मामले में अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस स्वतंत्र रूप से जांच कर सकती है और शीघ्र ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस पूरे प्रकरण में गंभीर आपत्ति दर्ज कराई कि गैरकानूनी रूप से गठित तथाकथित शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. तन्मय घोरई तथा कुछ अन्य शिक्षक आरोपी को बचाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक पर दबाव बना रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये शिक्षक इस जघन्य अपराध को राजनीतिक मामला बताकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। अभाविप ने सवाल उठाया कि जिन शिक्षकों के घरों में भी बेटियाँ हैं, उनमें इतनी नैतिकता क्यों नहीं कि वे पीड़ित छात्रा के पक्ष में खड़े हों?
इस संदर्भ में अभाविप ने शिक्षा मंत्रालय से मांग की है कि वह इस बात का गंभीर संज्ञान ले कि एक आरोपी शिक्षक को बचाने के लिए इतने शिक्षक कलेक्टर और एसपी से मिलने क्यों गए, जबकि वे पीड़ित छात्रा के घर जाकर उससे सहानुभूति प्रकट करने तक नहीं पहुँचे। यह भी प्रश्न उठाया गया कि क्या विश्वविद्यालय केवल कुछ शिक्षकों की अय्याशी का अड्डा बनकर रह गया है?
अभाविप ने आरोप लगाया कि शिक्षक संघ से जुड़े कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि “कलेक्टर और एसपी हमारे पॉकेट में हैं”, जो कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर सीधा हमला है। यदि यह सत्य है, तो इसका अर्थ है कि पीड़िता को न्याय दिलाने वाला कोई नहीं है—जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। प्रो. तन्मय घोरई पर भी गंभीर सवाल उठाए गए कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम से जुड़ी कुर्सी (Ambedkar Chair) का संचालन कर रहे हैं, परंतु उनके विचारों, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। अभाविप ने मांग की कि अंबेडकर चेयर पर खर्च की गई राशि, सभी बिलों एवं वित्तीय लेन-देन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि आरोपी को बचाने के लिए किन मंत्रियों से फोन करवाए गए, कौन ठेकेदार पुलिस को धन देकर दबाव बना रहा है—इन सभी पहलुओं की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन से यह मांग करती है कि— आरोपी शिक्षक एवं शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. नयन साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर शीघ्र गिरफ्तारी कर जेल भेजा जाए, तथा उन्हें संरक्षण देने वाले भ्रष्ट, चरित्रहीन शिक्षकों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए।
अभाविप ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में कुछ शिक्षक एवं वार्डन लगातार छात्र–छात्राओं का शारीरिक व मानसिक शोषण कर रहे हैं। कुछ मामलों में छात्राएँ आत्महत्या तक कर चुकी हैं। कुछ शिक्षक एवं वार्डन छात्रों को शराब, अवैध नशे की ओर धकेल रहे हैं, कुछ वार्डन स्वयं नशे के कारोबार में लिप्त बताए जा रहे हैं। ऐसे सभी नशा कारोबार में संलिप्त वार्डन एवं प्रोफेसरों को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।
इस संबंध में अभाविप द्वारा सौंपे गए ज्ञापन की प्रतिलिपि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है। साथ ही कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, अनूपपुर से मांग की गई है कि मामले में शीघ्र एफआईआर दर्ज कर आरोपी डॉ. नयन साहू को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से अमन द्विवेदी, सिमरन सेन, अंकिता मिश्रा, काव्या पांडे, श्रवण तिवारी, वाणी मंगलानी, दीपांजलि मिश्रा, स्वप्निल, रिया जायसवाल, अल्पेश गाते, विकास केशरवाणी, जतिन कुलमित्र, विशाल ताम्रकार, वेदांश तिवारी, अनुष्का सिंह, रोहित श्रीवास, कान्हा गुप्ता एवं रुद्राक्ष राव सहित बड़ी संख्या में छात्र–छात्राएँ उपस्थित रहीं।







