केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में भाजपा में कलह शुरू, नगर पालिका अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए 18 पार्षदों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
– शिवपुरी नगर में निकाली गई देशभक्ति के गानों के साथ रैली इसके बाद पार्षदों ने दिए इस्तीफे
– इस्तीफे देने वालों में भाजपा के अलावा कांग्रेस के भी पार्षद
शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में आने वाले शिवपुरी में भाजपा में नाराजगी बढ़ गई है। सिंधिया के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने के लिए भाजपा के अलावा कांग्रेस के पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सामूहिक इस्तीफे दे दिए। गुरुवार को नगर पालिका के 18 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे दिए इस दौरान इससे पहले शिवपुरी में नगर में देशभक्ति के गानों पर इन नाराज पार्षदों ने रैली निकाली और शिवपुरी नगर में रैली निकालने के बाद कलेक्टर कार्यालय पर पहुंचकर यहां पर कलेक्टर की अनुपस्थिति में एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला को अपने सामूहिक स्थिति पर दे दिए।
इस्तीफे देने वालों में दोनों दलों के पार्षद-
इन 18 पार्षदों में 12 भाजपा के, दो निर्दलीय जबकि चार कांग्रेस के पार्षद शामिल हैं। इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़ी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं और उनके वार्डो में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं इसलिए वह अपना सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं। पूर्व में इन्हीं पार्षदों के द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था लेकिन इस अविश्वास प्रस्ताव के मामले में इन पार्षदों में आपस में फूट पड़ जाने के कारण कलेक्टर ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था। इन पार्षदों में से कुछ ने अविश्वास प्रस्ताव को वापस लेने की आवेदन कलेक्टर को दिया था जिसके कारण इन पार्षदों में दो गुट बंट गए थे लेकिन अब इन्हीं पार्षदों ने आपसी एकता का प्रदर्शन करते हुए इस्तीफे दे दिए।
अब गेंद कलेक्टर के पाले में-
शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के खिलाफ आंदोलन करने वाले इन 18 विरोधी पार्षदों ने अपने सामूहिक इस्तीफे देते हुए कहा कि शिवपुरी का विकास थम गया है। नगर पालिका में भ्रष्टाचार हावी है। पिछले दिनों भ्रष्टाचार के मामले में एक एफआईआर हुई लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लगातार भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। पार्षदों का आरोप था कि उनके वार्ड में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। पूर्व में कई बार अधिकारियों को और जनप्रतिनिधियों को इस बारे में बताया गया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही इसलिए मैं सामूहिक इस्तीफे सौंप रहे हैं। इन 18 पार्षदों द्वारा सामूहिक इस्तीफे दिए जाने के बाद अब कलेक्टर के पाली में गेंद है कि उनके यह इस्तीफे स्वीकार करते हैं कि नहीं।
हनुमान जी के मंदिर पर खाई थी कसम-
शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा जो भाजपा से आती हैं और पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के समर्थकों में गिनी जाती हैं। इनको हटाने के लिए बीते 11 जून को नगर पालिका से जुड़े 22 पार्षदों ने करैरा स्थित बगीचा सरकार हनुमान जी के मंदिर पर नगर पालिका अध्यक्ष को पद से हटाने की सौगंध ली थी। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर पर जो कसम खाई जाती है वह टूटती है तो संबंधित व्यक्ति को कोड हो जाता है। इन मान्यताओं के तहत इन पार्षदों ने गायत्री शर्मा को हटाने की जो शपथ ली थी उसी क्रम में अपना इस्तीफा कलेक्टर कार्यालय में जाकर दे दिया और अपना वादा निभाया।
सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में भाजपा का बुरा हाल-
वैसे देखा जाए तो गुरुवार को जिन 18 नगर पालिका पार्षदों ने इस्तीफे दिए हैं उनमें भाजपा के 12, दो निर्दलीय और चार कांग्रेस के पार्षद है। नगर पालिका अध्यक्ष जो भाजपा से जुड़ी हुई हैं उनके खिलाफ नगर पालिका में जमकर आक्रोश है। देखा जाए तो शिवपुरी जिले में भाजपा दो गुटों में बंट गई है। एक सिंधिया का खेमा और एक संगठन का। इन दोनों ही गुटों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ऐसा बताया जा रहा है कि गायत्री शर्मा जो पूर्व खेल मंत्री यशोधरा सिंधिया के समर्थक हैं उन्हें बचाने के लिए अंदरूनी तौर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के कुछ समर्थक काम कर रहे हैं इसीलिए यह माहौल और बिगड़ गया है।