देपालपुर। संदीप सेन। बनेडिया में रविवार शाम खून और चीख-पुकार का मंजर देखने को मिला जब बदमाशों ने पुरानी रंजिश निकालने के लिए एक डॉक्टर को सरेआम मौत के घाट उतारने की कोशिश कर डाली भोई मोहल्ला निवासी और श्री विनायक क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर गोकुल पिता रमेश उम्र 26 वर्ष पर विक्की बाथम और उसके साथियों ने जानलेवा हमला कर दिया डॉक्टर पर लाठी डंडों की ऐसी बरसात हुई कि सीधे हाथ की कोहनी की हड्डी टूट गई चेहरा खून से सन गया और पूरा इलाका दहल उठा चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़े और घायल को तत्काल देपालपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर गोकुल के भाई वीरेंद्र ने पुलिस पर सीधा हमला बोला और कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो आज यह खूनखराबा नहीं होता 11 अगस्त को हमने देपालपुर थाने पर लिखित शिकायत दी थी कि विक्की बाथम और उसके साथी बिना नंबर की बुलेट गाड़ी से घर के सामने धमाके करते हैं पटाखे फोड़ते हैं और आतंक फैलाते हैं बार-बार समझाने पर भी जब नहीं माने तो पुलिस में रिपोर्ट लिखाई मगर जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार राय ने समय पर कदम नहीं उठाया और नतीजा यह हुआ कि अब हमारे घर का चिराग लहूलुहान अस्पताल में पड़ा हैं। हमले के दौरान पीड़ित को जातिसूचक गालियां दी गईं जिससे मामला और भड़क उठा है देपालपुर पुलिस ने आनन-फानन में आरोपियों पर एससी एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है लेकिन गुस्साए परिजन अब सीधे इंदौर ग्रामीण एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया को शिकायत भेजने की तैयारी में हैं। उधर दलित नेता मनोज परमार ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे नहीं डाला गया तो सड़कों पर बड़ा आंदोलन होगा उन्होंने कहा कि डॉक्टर पर हुआ यह हमला सिर्फ एक परिवार पर नहीं बल्कि समाज पर हमला है अब यह लड़ाई आर-पार की होगी। बनेडिया की गलियों में लोग दहशत में हैं चर्चाओं का बाजार गर्म है हर जुबान पर सिर्फ यही सवाल है कि जब डॉक्टर तक सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता को कौन बचाएगा पुलिस की सुस्ती ने अपराधियों का हौसला इतना बढ़ा दिया है कि वे खुलेआम लहूलुहान करने से भी नहीं डरते अब सवाल यह है कि क्या पुलिस अपनी नींद से जागेगी या फिर यह खूनखराबा यूं ही जारी रहेगा।
सलग्न फोटो:- डॉक्टर गोकुल निजी हॉस्पिटल में इलाज करवाने पहुंचे।