अनूपपुर: एकलव्य विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को हाई कोर्ट ने दी राहत, पूर्व में कार्यरत जगह पर देते रहेंगे सेवा

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एकलव्य विद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को हाई कोर्ट ने दी राहत, पूर्व में कार्यरत जगह पर देते रहेंगे सेवा


मध्य प्रदेश एकलव्य विद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को अप्रैल माह में बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया गया अतः एकलव्य विद्यालय में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय अतिथि शिक्षक संघठन मध्यप्रदेश के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय में प्रार्थना की कि उन्हें अपने पद पर निरंतर कार्य करने का अवसर दिया जाए तब माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात अतिथि शिक्षकों के पक्ष में 22 अप्रैल 2024 को याचिका का निपटारा करते हुए MP SARAS भोपाल, NESTS दिल्ली को निम्नलिखित निर्देश दिए।

1. प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे याचिकाकर्ता को “अतिथि शिक्षक” के पद पर तब तक जारी रखें जब तक कि उक्त पद के लिए नई नियमित नियुक्तियां नहीं हो जातीं।

2. याचिकाकर्ता को अतिथि शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए पात्रता और उपयुक्तता के लिए बार-बार परीक्षण के अधीन नहीं किया जाएगा, यदि उसने एक बार परीक्षण पास कर लिया है।

3. राज्य के पास अनुबंध समझौते के अनुसार अतिथि शिक्षक को समाप्त करने या यदि वह अपना कर्तव्य ठीक से नहीं निभाता है, तो उसे हटाने का अधिकार सुरक्षित है।
सुप्रीम कोर्ट जजमेंट 1992
सुप्रीम कोर्ट द्वारा.हरियाणा राज्य एवं अन्य बनाम पियारा सिंह बेच जीवन रेड्डी एवं के मामले में न्यायालय ने दिनांक 12.08.1992 प्रतिपादित किया अन्य 1992(4)SCC 118
जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने पहली बार यह सिद्धांत प्रतिपादित किया तदर्थ और अस्थाई कर्मचारी के स्थान पर तदर्थ और अस्थाई कर्मचारियों के एक समूह को दूसरे समूह से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।
केवल नियमित नियुक्ति/नियमित भर्ती के माध्यम से ही प्रतिस्थापित किया जा सकता है।

 

 

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