बुढार में बह रही ज्ञान की गंगा चल रही भागवत कथा संपन्न हुई गोवर्धन पूजा

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बुढार। नगर के जगदीश त्रिपाठी के परिवार में आयोजित श्रीमदभागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं बालकृष्ण पांडेय महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन पर्वत लीला का प्रसंग सुनाया। श्रद्धालु पर्वत का उंगली पर उठा लेने का वर्णन सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए।


बुढार में त्रिपाठी परिवार में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। रविवार को कथा के पांचवें दिन कथावाचक पं बालकृष्ण पांडे महाराज ने गोवर्धन लीला का प्रसंग सुनाया। कथावाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाओं से जहां कंस के भेजे विभिन्न राक्षसों का संहार किया, वहीं ब्रज के लोगों को आनंद प्रदान किया। प्रसंग में बताया कि इंद्र को अपनी सत्ता और शक्ति घमंड हो गया था। उसका गर्व दूर करने के लिए भगवान ने ब्रज मंडल में इंद्र की पूजा बंद कर गोवर्धन की पूजा शुरू करा दी। इससे गुस्साए इंद्र ने ब्रज मंडल पर भारी बरसात कराई। प्रलय से लोगों को बचाने के लिए भगवान ने कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। सात दिनों के बाद इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ। कथा के दौरान संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु महिलाओं ने भावविभोर कर नृत्य भी किया। आयोजन में त्रिपाठी परिवार के अलावा शहर के अन्य लोगो ने धर्मलाभ उठाया।

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