अनूपपुर: सुरक्षित पर्यटन और महिलाओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता – राज्य मंत्री

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छात्राओं की आत्मसुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्

समापन कार्यक्रम में पहुंचे राज्य अनुसूचित जनजातीय आयोग मंत्री

छात्राओं का हौसला बढ़ाने दिया गया प्रमाण पत्र और ट्रैकसूट

अतिथियों व प्राचार्य ने छात्राओं का किया मार्गदर्शन

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अनूपपुर। सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के तहत महिलाओं के लिए आत्म सुरक्षा और प्रशिक्षण देने का कार्य चल रहा है। जिसमें विद्यालय और महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को मुख्य रूप से इससे जोड़ने और उन्हें पर्यटन से जुड़ी जानकारी देने का कार्य किया जा रहा है इसी कड़ी में अनूपपुर जिले में भी यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर की सैकड़ो छात्राओं ने अपनी सहभागिता निभाई।
बालिकाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए माताशबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, अनूपपुर में आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राज्य अनुसूचित जनजातीय आयोग मंत्री व पूर्व विधायक रामलाल रौतेल शामिल हुए। उनके आगमन पर विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा में द्वीप प्रज्ज्वलन कर स्वागत गीत के साथ किया गया।

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मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में प्रत्येक बेटी के लिए शिक्षा के साथ आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल अपनी सुरक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है। उन्होंने छात्राओं से प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का नियमित अभ्यास करने और जीवन में उसका उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन प्रशासन लगातार देश-विदेश की बेटियों की सुरक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार उनकी सहभागिता को लेकर बढ़ावा दे रही है बस जरूरत है कि बेटियों को आगे जाकर उसमें अपनी उपस्थिति दर्शाने की।

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छात्राओं को बांटा गया प्रमाण पत्र ट्रैकशूट

कार्यक्रम के दौरान आत्मरक्षा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं ट्रैकसूट वितरित किए गए। सम्मान प्राप्त कर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस अवसर पर छात्राओं ने आत्मरक्षा के विभिन्न दांव-पेंच और तकनीकों का शानदार प्रदर्शन भी किया, जिसे उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा। महिलाओं को सुरक्षित पर्यटन स्थल के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था जिस संबंध में यह समापन समारोह कार्यक्रम आयोजन किया गया। वही कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों व विद्यालय की प्राचार्य ने पौधरोपण भी किया।

शारीरिक रूप से साक्षमता के साथ होता है मानसिक विकास

विद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रमिला पांडेय ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को शारीरिक रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाते हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित होती है।
समारोह में विद्यालय के प्राचार्य शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रशिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही गई।

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