पंचायतो को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने आयोजित किया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण
क्या ग्राम पंचायत में शासकीय परिसंपत्तियों का सही तरीके से देख रेख हो रहा है
पंचायतों को शासकीय भूमि में निर्माण कार्य करने की जरूरत

अनूपपुर। ग्राम पंचायत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा उनके आय के स्रोत सृजन के संबंध में 29 एवं 30 जून को दो दिवसीय प्रशिक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 60 ग्राम पंचायतों के 180 प्रतिभागी सम्मिलित हुए।
प्रशिक्षण में ग्राम पंचायतो की स्वयं की आय में वृद्धि की विभिन्न से स्रोतों की जानकारी, स्थानीय संसाधनो के प्रभावी उपयोग पंचायत को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के संबंध में जानकारी दी गई। जिला मुख्यालय से सटे आसपास के ग्राम पंचायत में विशेष रूप से इस तरह के कार्य को करने की जरूरत है ग्राम पंचायत में खाली पड़े शासकीय जमीनों में निर्माण कर और कर वसूली के साथ विभिन्न तरह के आय के स्रोत बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
प्रशिक्षण मे प्रतिभागियों को भवन कर, जल कर, बाजार शुल्क सहित विभिन्न करों एवं शुल्कों के प्रभावी संग्रहण, ग्राम पंचायत की परिसंपत्तियों (दुकान, भवन, तालाब, हाट-बाजार आदि) से आय अर्जित करने के उपाय, केंद्र एवं राज्य शासन से प्राप्त अनुदान, विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता तथा स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कर संग्रहण में पारदर्शिता,नियमित लेखा-जोखा एवं वित्तीय अनुशासन के महत्व पर चर्चा कर जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के जिज्ञासा पर विषय विशेषज्ञों द्वारा सभी प्रश्नों का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया।






