
ठेकेदार के बिगड़े बोल कहा और बनाऊंगा सड़क करूंगा भ्रष्टाचार
सचिव-सरपंच बने ठेकेदार की कठपुतली नाचने को मजबूर
अनूपपुर। जिला मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत परसवार में चल रहे निर्माण कार्य को लेकर जब ग्रामीणों ने विरोध किया और उनके विरोध के संबंध में समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में समाचारों का प्रकाशन किया गया इसके बाद ठेकेदार के बोल ही बिगड़ गए हैं ठेकेदार धमकी देते फिर रहा है और कह रहा है और भी सड़क बनाऊंगा और भ्रष्टाचार करूंगा जिसको जो करना है कर ले। जी हां जिला मुख्यालय स्थित सब्जी मंडी के समीप ग्राम पंचायत परसवार में लगभग 400 मीटर लंबी सीसी सड़क निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत परसवार के ठेकेदार के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है इनके द्वारा बीते दो से तीन वर्षों में ग्राम पंचायत में करोड़ों का निर्माण कार्य किया गया है लेकिन कोई भी निर्माण कार्य सही नहीं पाया गया है। यहां पर निर्माण कार्य सिर्फ इस उद्देश्य से किया जाता है कि उसमें भ्रष्टाचार करके कितनी मोटी रकम अपनी जेब में भर लें। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत में इनका पहले से ही भ्रष्टाचार रहा है और पैसे के दम पर सरपंच बनाकर भ्रष्टाचार करना इनकी पुरानी आदत रही है।
निर्माण कार्य और गुणवत्ता पर उठे सवाल
निर्माण कार्य में घटिया स्तर का रेत सीमेंट और चोरी का मुरूम इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि जिले में मुरूम उत्खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन पंचायत में अच्छी पैठ रखने वाले ठेकेदार और उनके रिश्तेदार खुलेआम मुरूम खोद रहे हैं। और उसी से निर्माण कार्य भी जारी है। कई पुल और सड़क तो ऐसे बना दिए गए हैं जिनकी उपयोगिता ही समझ में नहीं आती है लेकिन लाखों करोड़ रुपये डकारने के फेर में विकास की ऐसी गाथा रची गई है जिसमें पूरा का पूरा पंचायत ही फसा हुआ है।
सरपंच-सचिव को जेब में रखते हैं रामकुलंजन पटेल
ग्राम पंचायत परसवार के कुछ पंचों ने नाम न छापने की शर्त में बताया कि जब से सरपंच संतोषी बाई कोल बनी है तब से ग्राम पंचायत में सिर्फ और सिर्फ एक ही व्यक्ति मनमानी कर रहा है। बाउंड्री वॉल निर्माण हो ग्रेवल सडक निर्माण हो सीसी सड़क निर्माण हो या अतिरिक्त भवन निर्माण के साथ-साथ पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना रोजगार गारंटी योजना समेत छोटे-छोटे तमाम कार्यों में दखलअंदाजी करना उनकी आदत हो गई है। इनके बिना कोई भी कार्य नहीं किया जाता जिससे साफ जाहिर होता है कि सरपंच संतोषी बाई सचिव अमित पटेल और सरपंच पति अशोक कोल उनके जेब में समाए हुए हैं। यहां तक कुछ लोगों ने बताया कि वह तो यह भी सुनते हैं कि सरपंच सचिव को हमने लाया है और हम अपने जेब में ही रखकर काम करेंगे।
परिवारवाद की जाल में समाया ग्राम पंचायत परसवार
परसवार के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि काफी वर्षों से पंचायत में एक ही व्यक्ति का दबदबा रहा है बीते पंचवर्षी से रामकुलांजन पटेल और उसके खास लोगों का दबदबा ही पंचायत में है यह लोग पंचायत में लूट मचा कर रखे हैं लेकिन इन पर कोई कार्यवाही नहीं होती। ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार से लेकर तरह-तरह की योजनाएं में भी मनमानी चल रही है जिस कारण से सीधा-सीधा जाहिर होता है कि परिवारवाद की जाल में ग्राम पंचायत समाया हुआ है और इसके विरोध में आवाज उठाने वाले लोगों को डराया धमकाया जाता है।
कार्यवाही न होने से बढ़े हैं ठेकेदारों के हौसले
परसवार के कुछ ग्रामीणों ने बताया कि बीते दो-तीन सालों में ग्राम पंचायत में दर्जनों कार्य किए गए हैं लेकिन सभी कार्य में गड़बड़ी और गुणवत्ता की कमी देखने को मिली है कई बार शिकायत होने के बाद भी इन पर कार्यवाही नहीं होती और कार्यवाही न होने से ठेकेदार के हौसले बढ़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि बिसाहूलाल से संपर्क होने के कारण काम की स्वीकृति और संरक्षण सीधे-सीधे मिल जाता है और निर्माण कार्यों का कभी भी जांच या मूल्यांकन सही तरीके से नहीं होता है।
जिम्मेदारों की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
ग्राम पंचायत में दर्जनों निर्माण कार्य को लेकर कई बार शिकायत व अखबारों और सोशल मीडिया में समाचारों का प्रकाशन किया जा चुका है लेकिन कमीशन के फेर में फंसे अधिकारी इंजीनियर व जिम्मेदार इस और कोई ध्यान ही नहीं देते हैं। बीते दिनों लाखों के सड़क निर्माण और सीसी सड़क निर्माण में शिकायत की गई और समाचार पत्रों में समाचार भी छापे लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी या इंजीनियर संबंधित निर्माण कार्य को लेकर जांच नहीं किया जिस कारण से अब अधिकारियों पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं क्या किसी व्यक्ति विशेष के लिए इतनी आजादी दी जा सकती है कि वह शासन की राशि का दुरुपयोग करें और जेब भरता रहे।
जब सीईओ और इंजीनियर से सवाल
निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के संबंध में जनपद पंचायत जैतहरी के सीईओ श्री रैकवार से बातचीत की गई उन्होंने जांच का आश्वसन दिया लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य में जांच नहीं हुई है। इसका क्या कारण हो सकता है यह तो वही बता सकते हैं।
निर्माण कार्य के संबंध में जब पंचायत के इंजीनियर से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि अभी निर्माण कार्य चल रहा है हम मूल्यांकन करेंगे अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो मूल्यांकन रोक दिया जाएगा।






