अनूपपुर: अवैध बिजली कटौती के विरोध में शिवसेना कोतमा नगर इकाई ने खोला मोर्चा, सहायक यंत्री कोतमा को सौंपा ज्ञापन

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*अवैध बिजली कटौती के विरोध में शिवसेना कोतमा नगर इकाई ने खोला मोर्चा, सहायक यंत्री कोतमा को सौंपा ज्ञापन*

शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के नेतृत्व में नगर प्रमुख बरकत कुरैशी ने कोतमा सहायक उपयंत्री को ज्ञापन सौंप मांग की है कि जमुना-कोतमा क्षेत्र में विद्युत विभाग द्वारा अत्यंत अव्यवहारिक तरीके से बिजली कटौती की जा रही है, जिससे समस्त जनता परेशान है। बीती रात थोड़ी आंधी और बारिश होने से हर 5 मिनट में बिजली कट रही थी मेंटेनेंस के नाम पर हफ्ते भर भीषण गर्मी में सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली काटी जाती थी पर इस पर जनता ने संतोष किया कि हफ्ते भर की बात है आने वाले समय में बिजली कटौती ना हो इसके लिए मेंटेनेंस का कार्य किया जा रहा पर यहां तो जनता को साफ तौर पर ठगा गया है मेंटेनेंस का कार्य। पूर्ण होने जाने के बाद भी कभी भी किसी भी समय बिजली काट दी जाती बिजली कटने के बाद कब बिजली आएगी इसका कोई ठिकाना नहीं।
*मुख्य समस्याएं:*
1. *एक फॉल्ट, पूरे शहर की लाइट गुल:* लहसुई, गोविंदा, टूटे हुए बिजली लाइन या किसी एक स्थान पर छोटा फॉल्ट आते ही जमुना नगर पालिका के अंतर्गत जमुना, भालूमाड़ा, कोतमा नगर पालिका के गोविंदा, 11 नंबर और कदम टोला जैसे पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है।
2. *छोटे कारण से बड़ी परेशानी:* मूरधवा के जंगल, दिनेश सिंह जी के खेत जैसे क्षेत्रों में बिजली लाइन पर पेड़ की पत्ती/डाली गिर जाने पर भी पूरे इलाके की बिजली घंटों के लिए बंद कर दी जाती है।
3. *एक लाइन का फॉल्ट, पूरे एरिया की सजा:* किसी एक फीडर या एक लोकल लाइन में फॉल्ट होने पर पूरे क्षेत्र की आपूर्ति रोक दी जाती है, जबकि तकनीकी रूप से केवल प्रभावित सेक्शन को ही बंद किया जाना चाहिए।

इस प्रकार की अंधाधुंध कटौती से व्यापार, पानी, पढ़ाई, चिकित्सा सब ठप हो जाते हैं। यह *विद्युत अधिनियम 2003* एवं *विद्युत उपभोक्ता अधिकार नियम 2020* का उल्लंघन है।

यह है प्रमुख मांगे
1. *सेक्शनलाइज कर कटौती करें:* जिस लाइन/फीडर में फॉल्ट हो, केवल उसी क्षेत्र की बिजली बंद की जाए। पूरे जमुना-भालूमाड़ा-कोतमा की आपूर्ति बाधित न की जाए।
2. *लाइन का रखरखाव हो:* मुरधवा जंगल व खेतों के पास से गुजरने वाली लाइनों की समय पर छटाई कर पेड़-पत्तों से होने वाले फॉल्ट को रोका जाए।
3. *वैकल्पिक व्यवस्था:* मेंटेनेंस या फॉल्ट के समय प्रभावित क्षेत्र की सूचना पहले दी जाए एवं शेष क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति चालू रखी जाए।
4. *जवाबदेही तय हो:* एक फॉल्ट पर पूरे शहर की लाइट काटने वाले दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाए।
3 दिन के अंदर इस अव्यवहारिक कटौती प्रक्रिया को बंद कर तकनीकी सुधार किया जाए अन्यथा शिवसेना कोतमा बिजली ऑफिस के बाहर धरना देने के लिए बाध्य होगी।