परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
अनूपपुर। कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम पकरिहा से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां कथित धमकियों और न्याय न मिलने से आहत एक युवक ने आत्मघाती कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद जहां परिवार में मातम पसरा है, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक की पहचान राजेश गुप्ता (पिता दशरथ गुप्ता) के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि गांव के ही तीरथ साहू, लल्लू साहू, बेसाहु यादव तथा बेसाहु के बेटे ने राजेश गुप्ता को एक सुनसान स्थान पर ले जाकर उसे बुरी तरह डराया-धमकाया और जान से मारने की धमकी दी थी। इस घटना से भयभीत होकर राजेश गुप्ता ने कोतमा थाने पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी थी।
परिवार का कहना है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं, थाना प्रभारी कोतमा रत्नाम्बर शुक्ला पर भी यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार नहीं किया, बल्कि उसे ही फटकार लगाकर थाने से भगा दिया।
लगातार मिल रही धमकियों और न्याय की उम्मीद टूटने से मानसिक रूप से आहत राजेश गुप्ता ने घर लौटकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से परिजनों में गहरा आक्रोश है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
मृतक के परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।






