*ज्योत्साचार्य से अखिलेश त्रिपाठी ने दी चैत्र नवरात्रि के संपूर्ण जानकारी*

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे महत्वपूर्ण और उत्साहपूर्ण पर्व है। यह नौ दिनों तक चलने वाला उत्सव मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, घटस्थापना करते हैं और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि, शक्ति एवं विजय की कामना करते हैं। 2026 में चैत्र नवरात्रि कल यानी 19 मार्च, दिन – गुरुवार से शुरू हो रही है और 27 मार्च, दिन – शुक्रवार को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। इसी दिन हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का भी आरंभ होगा। आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि की सही तिथि, घटस्थापना के लिए मुहूर्त और पूजा विधि।
*चैत्र नवरात्रि 2026 की तिथि और अवधि*
श्री त्रिपाठी पंचांग गणना के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 6:52 बजे शुरू हो रही है। नवरात्रि इसी दिन से आरंभ होगी और 27 मार्च को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। यह नौ दिन की अवधि है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान घटस्थापना, कन्या पूजन और दुर्गा सप्तशती पाठ का विशेष महत्व रहता है। नवरात्रि के अंत में राम नवमी पर भगवान राम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
*घटस्थापना के शुभ मुहूर्त*
ज्योतिषश्चर्य अखिलेश त्रिपाठी घटस्थापना नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। 19 मार्च 2026 को घटस्थापना का मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 बजे से 10:10 बजे तक रहेगा। यदि इस समय घटस्थापना न हो पाए तो अभिजीत मुहूर्त में भी किया जा सकता है, जो दोपहर 11:47 बजे से 12:36 बजे तक उपलब्ध रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और पूरे नौ दिन सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
*शुभ मुहूर्त*
द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026, गुरुवार को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 20 मार्च को सुबह 4 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च 2026 से हो रही है, जो 27 मार्च को रामनवमी के साथ समाप्त होगी। दशमी तिथि को व्रत का पारण किया जाएगा।






