चचाई पुलिस की महती भूमिका
अनूपपुर। अनूपपुर जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ प्रशासन ने अपनी सक्रियता और सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में कलेक्टर हर्षल पंचोली के विशेष निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, प्रशासन की टीम ने चचाई थाना क्षेत्र में अवैध रूप से महुआ का परिवहन कर रही एक बड़ी खेप को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अवैध व्यापार करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है।
संयुक्त टीम की घेराबंदी और कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई अनूपपुर के एसडीएम कमलेश पुरी के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई। कार्रवाई के दौरान चचाई पुलिस, संजय यादव और संजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी कर परिवहन में लगे वाहन को रोका। जांच के दौरान पाया गया कि महुआ का परिवहन बिना किसी वैध दस्तावेज, ट्रांजिट परमिट या अनुमति के किया जा रहा था, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई।
मुख्य आरोपी और जब्ती का विवरण
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी ‘बुढार’ निवासी दलबीर पाव को बताया गया है। बताया जा रहा है कि दलबीर पाव महुआ का बड़ा व्यापारी है और लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय है। पकड़े गए महुए की मात्रा लगभग 50 क्विंटल बताई जा रही है, जो कि 125 बोरियों में भरकर ले जाई जा रही थी। इतनी बड़ी मात्रा में महुआ की जब्ती प्रशासन की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
GST और वन विभाग की सहभागिता
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस कार्रवाई में GST विभाग और वन विभाग को भी साथ लेकर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है:बिना वैध बिल और टैक्स चोरी की आशंका के चलते जीएसटी विभाग द्वारा मामले की सूक्ष्म जांच की जाएगी साथ ही महुआ लघु वनोपज की श्रेणी में आता है, अतः इसके अवैध संग्रहण और परिवहन के नियमों के तहत वन विभाग भी कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
कठोर विधिक कार्रवाई की तैयारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मंडी नियमों के उल्लंघन के तहत आरोपी पर मंडी टैक्स का पांच गुना जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, मामले को न्यायालय में भी पेश किया जाएगा, जहाँ से आरोपी को कानून के अनुरूप सजा और अतिरिक्त अर्थदंड का सामना करना पड़ सकता है।
प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में अवैध व्यापार और बिना परमिट के वस्तुओं के परिवहन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की औचक कार्रवाइयां जारी रहेंगी। इस संयुक्त कार्रवाई से न केवल राजस्व की चोरी रुकी है, बल्कि नियम विरुद्ध कार्य करने वालों को एक सख्त चेतावनी भी मिली है।






