जिला शिक्षा कार्यालय में छात्रों की मशरूम प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान

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शिक्षा के साथ रोजगार का दिया संदेश
घुलघुली। देवलाल सिंह। उमरिया जिले के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा उमरिया के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मशरूम उत्पादन परियोजना के माध्यम से एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों के इस नवाचार से प्रभावित होकर जिला शिक्षा अधिकारी एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग द्वारा उन्हें जिला शिक्षा कार्यालय में प्रदर्शनी लगाने हेतु आमंत्रित किया गया।
आयोजित प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने स्वयं तैयार किए गए मशरूम का प्रदर्शन किया तथा उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आगंतुकों को मशरूम से बने व्यंजन चखाए। विद्यार्थियों ने सभी को मशरूम के पोषक तत्वों, उसके स्वास्थ्य लाभ तथा उसके विशिष्ट स्वाद के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके पश्चात सभी उपस्थितजनों को मशरूम वितरित भी किए गए, जिसकी सभी ने सराहना की।
इस अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ताला उमरिया के प्राचार्य सहित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा के प्राचार्य पी. सी. सिंह भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने विद्यालय के विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शिक्षा के साथ कौशल और स्वरोजगार से जुड़ने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
व्यावसायिक शिक्षण से जुड़े मार्गदर्शक आशु मिश्रा, भारत मेहरा तथा शिक्षक सुरेश सिंह विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे और पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों का मार्गदर्शन एवं उत्साहवर्धन करते रहे। व्यावसायिक शिक्षा जिला अधिकारी द्वारा भी विद्यार्थियों को आश्वस्त किया गया कि उन्हें रोजगारोन्मुख गतिविधियों से जोड़ने के हर संभव अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना तथा समाज में पौष्टिक शाकाहारी आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। जिला शिक्षा अधिकारी को मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया, उसके पोषण मूल्य तथा मशरूम और पनीर के बीच अंतर के बारे में विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों के इस प्रयास को सराहनीय बताते हुए इसे शिक्षा के साथ-साथ आय का सशक्त माध्यम बताया।
कार्यक्रम के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक पुस्तक प्रदान की गई, जिससे उनके शैक्षणिक विकास को बल मिलेगा। विद्यार्थियों द्वारा उत्पादित मशरूम शिक्षकों को भी भेंट किए गए।
इस सफल आयोजन में शिक्षक विजय राज सिंह परमार एवं रामाश्रय सर का विशेष योगदान रहा, जिनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने यह उपलब्धि प्राप्त की। अंत में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह पहल इस बात का प्रमाण है कि विद्यालयी शिक्षा जब व्यावहारिक प्रशिक्षण से जुड़ती है, तो वह केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए मार्ग भी प्रशस्त करती है।