महाशिवरात्रि का मुहूर्त शाम 4:25 बजे से चारों पहर पूजा का विधान

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महाशिवरात्रि पर विशेष लेख पंडित संदीप ज्योतिषी
महाशिवरात्रि का मुहूर्त शाम 4:25 बजे से चारों पहर पूजा का विधान
शिवालयों में 15 फरवरी की शाम से ही शुरू हो जाएगा विशेष पूजन और अर्चन
देवाधिदेव महादेव की उपासना का पर्व महाशिवरात्रि इस वर्ष विशेष आध्यात्मिक और उल्लास के साथ मनाया जाएगा पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 4:25 बजे से महाशिवरात्रि का मुहूर्त शुरू हो जाएगा महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक और रात्रि कालीन पूजा का विशेष महत्व होता है पंडित संदीप ज्योतिषी के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को शाम 4:25 बजे पर शुरू होकर समापन 16 फरवरी की शाम 5:10 बजे होगी हालांकि महाशिवरात्रि पर शिव की पूजन और जलाभिषेक रात्रि के चारों पहर में करने का विधान है इसलिए 15 फरवरी को ही महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में मनाया जाएगा इसी कारण अमरकंटक के प्रमुख शिवालयों में 15 फरवरी की संध्या से ही पूजन अर्चन शुरू हो जाएगा शिवरात्रि के दिन भगवान शिव जी और माता पार्वती का पा व न विवाह संपन्न हुआ था शिव महापुराण के अनुसार प्रदोष काल में शिव आराधना से शीघ्र फल की प्राप्ति होती है क्योंकि सृजन और संघार का कार्य महादेव इसी संधि काल में करते हैं महाशिवरात्रि पर शिव जी को दूध दही ध ी मधु शक्कर भांग धतूरा भस्म बेलपत्र धूप दीप निवेद अर्पित करने पर शिवजी प्रसन्न होते हैं इसलिए भगवान शिव को जल अर्पित करने से सभी मनोकामना पूरी होती है
चार प्रहर की पूजा का महत्व

शास्त्रों में महाशिवरात्रि पर चार पहर की पूजा करने का विशेष विधान है महाशिवरात्रि पर रात के चारों पहर में भगवान शिव की पूजा आराधना करने से विशेष फल मिलता है चार पहर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से मनुष्य को धर्म अर्थ काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है इस दिन अमरकंटक में रात भर शिवालयों में शिव भक्त विशेष पूजा करते हैं दिनभर भोलेनाथ को नर्मदा जल अर्पित करते हैं रात में विशेष चारपहर की पूजा की जाती है चार पहर मैं प्रथम पहर का समय शाम 6:00 बजे से शुरू होता है इसके बाद तीन-तीन घंटे के अंतराल में चारों पहर भगवान शिव जी का रुद्राभिषेक होता है प्रथम प्रहर में दूध से द्वितीय प्रहर में दही से तृतीय पहर में घी से चतुर्थ प्रहर में मधु से रुद्राभिषेक करने में भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है