
फर्जी डॉक्टर मामले की जाँच के लिए टीम गठित
अनूपपुर। जिला चिकित्सालय में एक फर्जी डॉक्टर अवैध रूप से काम कर रहा है यह डॉक्टर बाकायदा लोगों को मर्ज का इलाज भी कर रहा है हैरानी इस बात की है की मुख्य चिकित्सा अधिकारी से लेकर सिविल सर्जन तक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं ऐसे में जिला अस्पताल आ रहे मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। डाक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद अब सिविल सर्जन टीम बनाकर जाँच कराने की बात कर रहें है।
कोरोना कल में व्यवस्थाओं के चलते बलराम विश्वकर्मा इलेक्ट्रो होम्योपैथी के जानकारी को जिला अस्पताल में मरीजों की देखभाल करने के लिए नियुक्त किया गया था इस नियुक्ति को डॉक्टर बलराम विश्वकर्मा ने नियमित मान कर कोरोना काल के बाद भी जिला अस्पताल में सेवा दे रहे हैं हैरान इस बात की है क इस बात की जानकारी खुद जिला अस्पताल के मुखिया सिविल सर्जन को नहीं है जब उनसे इस मामले में जानकारी मांगी गई तो वह पहले टाल मटोल करते रहे बाद में उसके बाद जांच कमेटी बनाकर रिपोर्ट सबमिट होने के बाद कार्यवाही की बात कह रहे हैं।
आमतौर पर यह जिला अस्पताल मरीज तब पहुंचता है जब वह किसी बीमारी से जूझ रहा होता है लेकिन इस बीमारी के आड़ में मरीज और उसके साथ आ रहे सहयोगी को क्या पता है की कुर्सी पर बैठा डॉक्टर सही है या नकली।
ऐसे में अब आगे की कार्रवाई ही तय करेगी कि फर्जी डॉक्टर के ऊपर कड़ी कार्रवाई होगी या फिर मामले में लीपापोती करके लोगों की जान से खिलवाड़ करने का जिम्मा फिर से डॉक्टर बलराम बैगा को सौंप दिया जाएगा।
इनका कहना है।
मामले की जाँच के लिए टीम का गठन कर दिया गया है। टीम की रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही की जायेगी।
डॉ एस आर परस्ते, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल







