अमरकंटक में नर्मदा लोक निर्माण की घोषणा 2023 में हुई थी , अब तक नहीं हुआ प्रारंभ

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भूमि चिन्हित करने तक सीमित कार्रवाई

सअमरकंटक। श्रवण उपाध्याय। अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में प्रस्तावित मां नर्मदा लोक निर्माण कार्य की घोषणा हुई थी जो दो वर्ष बीत चुके हैं , लेकिन अब तक इसका कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है । वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी स्वीकृति दी थी । उम्मीद जताई जा रही थी कि इस परियोजना से अमरकंटक को पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान मिलेगी और श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी , लेकिन फिलहाल योजना कागज़ों तक ही सीमित है ।

यह है मामला

10 अगस्त 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान अमरकंटक पहुंचे थे । इस दौरान साधु-संतों से चर्चा कर उन्होंने मां नर्मदा लोक बनाने की घोषणा की थी । उन्होंने कहा था कि साधु-संतों से विमर्श कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा । लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं ।

भूमि चिन्हित करने तक सीमित कार्रवाई

योजना के तहत मां नर्मदा मंदिर परिसर से रामघाट तक लगभग चार एकड़ भूमि चिन्हित की गई है । यहीं नर्मदा लोक विकसित किया जाना है । अभी तक यही कार्यवाही हो पाई है ।

25 करोड़ की लागत , डीपीआर प्रचलन में

पर्यटन विभाग के उपयंत्री सोमपाल सिंह ने बताया कि परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जा रही है । इसके लिए 25 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है । डीपीआर पूर्ण होने के बाद कार्य एजेंसी तय कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा ।

साधु-संतों की मांग – जल्द शुरू हो निर्माण

स्थानीय साधु-संतों ने सरकार से शीघ्र कार्य प्रारंभ करने की अपील की है । 

श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज (शांति कुटी आश्रम) अमरकंटक ने कहा – “नर्मदा लोक बनने से घाटों की स्वच्छता व सुरक्षा बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी ।”

आचार्य स्वामी रामकृष्णानंद महाराज (मार्कण्डेय आश्रम) ने कहा कि – “सरकार ने जो वादा किया है उसे पूरा करना चाहिए । इससे पर्यटन और रोजगार दोनों में वृद्धि होगी ।”

स्वामी लवलीन महाराज (परमहंस धारकुंडी आश्रम) ने कहा कि “अमरकंटक में नर्मदा लोक जल्द प्रारंभ होना चाहिए यह अति आवश्यक है इससे पर्यटक , तीर्थयात्री बढ़ेंगे ।”

पंडित रूपेश द्विवेदी बबलू महाराज और पंडित जुगुल किशोर द्विवेदी (मां नर्मदा मंदिर प्रधान पुजारी) ने कहा कि – “निर्माण हो जाने पर अमरकंटक को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी तथा श्रद्धालु और पर्यटक भारी संख्या में यहां पहुंचेंगे ।

उज्जैन महाकाल लोक की तर्ज पर विकास की उम्मीद

स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस प्रकार महाकाल लोक के निर्माण से उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है, उसी तरह नर्मदा लोक बनने से अमरकंटक भी देश-विदेश में प्रमुख तीर्थ और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगा ।