परिवार वाले भी है घटना से हतप्रभ
अमरकंटक। श्रवण उपाध्याय। अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 9 वीं का छात्र कृत वर्मा ने अपने कमरे को छोड़ दूसरे पुराने कमरे में जाकर मफलर से शाम लगभग 5.30 pm से 6 बजे के बीच उसने छत पर निकले पंखे के हुक में फांसी लगाकर की आत्महत्या ।
घटना 24 अगस्त रविवार की शाम की है शाम 5:00 बजे करीब उनके परिजनों के परिचितों द्वारा स्कूल में छात्र को छोड़ा गया , जैसे ही उसके रूम से सारे छात्र बाहर निकल मैदान या हाल में गए उसी वक्त कृत वर्मा ने मफलर से फांसी लगा ली । जैसे ही घटना की जानकारी लगी विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया ।
प्राप्त जानकारी अनुसार कक्षा 9 में अध्यनरत मृत विद्यार्थी कृत वर्मा पिता राम अवतार वर्मा उम्र 15 वर्ष निवासी वेंकट नगर जिला अनूपपुर का निवासी था । छात्र छठवीं कक्षा से विद्यालय में अध्यनरत था जिससे यह अंदाजा लगा पाना बेहद मुश्किल है कि आखिर इस आत्महत्या के पीछे का कारण क्या है । सोमवार 17 अगस्त को छात्र के परिजन स्कूल पहुंचे जहां पुलिस पूछताछ में हरेक एंगल से लगी रही । परिजनों ने पुलिस से खुलकर सभी बातों को बताया । पुलिस जांच में जुटी हुई है ।
अमरकंटक थाना प्रभारी लाल बहादुर तिवारी ने बताया कि मामला अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है जो भी जांच में तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार आगे कार्यवाही की जाएगी । पुलिस ने मर्ग क्रमांक 34 / 25 दर्ज कर मामले की जांच में लिया है ।
नवोदय विद्यालय की घटना की खबर लगते ही स्थानीय विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटना का जायजा लिया । इस घटना को बेहद ही दुखद बताया और परिजनों से चर्चा कर ढाढस बंधाया एवं प्रशासनिक अधिकारियों से घटना की निष्पक्ष जांच करने की बात कही ।
बच्चे के पिता जी , बड़े पापा और दादा जी अमरकंटक विद्यालय पहुंचे हुए थे उन्होंने भी फांसी लगाने के कारण का अंदाजा नहीं लगा पा रहे और न ही कोई कारण बता पा रहे । नवमी का छात्र कृत वर्मा छठवीं से विद्यालय में पढ़ता आ रहा था वह कभी भी घर पर कुछ शिकायत नहीं की लेकिन कहीं कहीं पढ़ाई कमजोर होने की बात किया करता था ।
हॉस्टल प्रभारी ने बताया कि रविवार को शाम पांच बजे किसी परिचित संग आया था उसने आने की सूचना विद्यालय में नहीं दिया था । उसकी इंट्री नहीं हो पाई थी और वह हॉस्टल अंदर पहुंच कर यह घटना को अंजाम दिया , उस समय कोई बच्चे होस्टल में नहीं थे ।
अमरकंटक विद्यालय प्राचार्य नहीं होने से विद्यालय की घटना पर तीन अन्य विद्यालयों सूरजपुर सीजी , उमरिया , शहडोल के अन्य प्राचार्य भी अमरकंटक पहुंचे हुए थे जो वास्तु स्थिति की जायजा ले रहे ।