अनूपपुर: पुष्पराजगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की व्यापक समीक्षा

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पुष्पराजगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की व्यापक समीक्षा

अनूपपुर। संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, शहडोल संभाग के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में परियोजना पुष्पराजगढ़ के समस्त पर्यवेक्षकों एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संयुक्त संचालक महोदय द्वारा विभागीय योजनाओं एवं मैदानी कार्यों की बिंदुवार एवं विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यों में गुणवत्ता, नियमितता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

संयुक्त संचालक महोदय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), लाड़ली बहना योजना (LBY), लाड़ली लक्ष्मी योजना (LLY) एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया।

बैठक में संयुक्त संचालक महोदय द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों की साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्जर अथवा असुरक्षित भवनों में आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन न किया जाए तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

पोषण ट्रैकर की समीक्षा करते हुए संयुक्त संचालक महोदय ने नियमित मॉनिटरिंग, हितग्राहियों से संबंधित जानकारी की समय पर एवं शुद्ध प्रविष्टि तथा पोषण सेवाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यवेक्षकों एवं कार्यकर्ताओं से मैदानी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए उनके दैनिक कार्यों एवं दायित्वों की भी विस्तार से समीक्षा की।

संयुक्त संचालक महोदय ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र शासन की योजनाओं एवं सेवाओं को हितग्राहियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अतः प्रत्येक कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक अपने दायित्वों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें तथा योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं परियोजना पुष्पराजगढ़ के समस्त पर्यवेक्षक तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संयुक्त संचालक महोदय के मार्गदर्शन में आयोजित समीक्षा से विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक प्रभावशीलता, नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई।