“सक्षम जीवन कौशल” प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न, लाइफ़ स्किल की दी गई जानकारी
माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, अनूपपुर में आयोजित हुआ कार्यक्रम

अनूपपुर। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित “सक्षम जीवन कौशल” कार्यक्रम के अंतर्गत 07 एवं 08 अगस्त 2026 को विकासखंड अनूपपुर स्थित माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, अनूपपुर में शिक्षकों का दो-दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में कक्षा 6वीं के वर्ष-1, कक्षा 7वीं के वर्ष-2 तथा कक्षा 8वीं से 10वीं के वर्ष-3 के अंतर्गत लाइफ स्किल एवं जेंडर तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के शिक्षकों के लिए रोजगार शिक्षा वर्ष-2 से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को जीवन कौशल एवं रोजगार शिक्षा के नवीन पाठ्यक्रम, गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति तथा विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास से जुड़ी व्यावहारिक अवधारणाओं से परिचित कराना था, ताकि विद्यार्थी उच्च शिक्षा, रोजगार के अवसरों और भविष्य की विभिन्न चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।

प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर पुष्पेंद्र अहिरवार एवं श्रीमती सुमन द्वारा किया गया। प्रथम दिवस की शुरुआत प्रतिभागियों के स्वागत एवं पंजीयन के साथ हुई। इसके पश्चात एनर्जाइज़र गतिविधि के माध्यम से प्रतिभागियों के बीच परिचय, विश्वास एवं सहयोग की भावना विकसित की गई। प्रशिक्षण के दौरान पाठ्यक्रम की रूपरेखा, सत्र संरचना, जीवन कौशल की उपयोगिता तथा गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही गत वर्ष कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जुड़े अनुभवों, उपलब्धियों एवं चुनौतियों को शिक्षकों ने साझा किया।
रोजगार शिक्षा वर्ष-2 के अंतर्गत विद्यार्थियों को अल्पकालीन एवं दीर्घकालीन लक्ष्य निर्धारण, करियर विकल्पों की पहचान, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसरों से परिचित कराने पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही डिजिटल एवं ग्रीन जॉब्स, वित्तीय साक्षरता, बचत, निवेश तथा अच्छे एवं बुरे ऋण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी शिक्षकों के साथ चर्चा की गई।
द्वितीय दिवस में प्रतिभागी शिक्षकों द्वारा विभिन्न डेमो सत्र प्रस्तुत किए गए। प्रत्येक प्रस्तुति के पश्चात सामूहिक चर्चा एवं मुख्य सीखों के पुनरावलोकन के माध्यम से शिक्षकों की सत्र संचालन क्षमता को और मजबूत किया गया। प्रशिक्षण में बाल अधिकार एवं बाल सुरक्षा, जेंडर संवेदनशीलता, लैंगिक समानता तथा विद्यालयों में सुरक्षित एवं समावेशी वातावरण निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त विद्यालयों में “मेरी सीख की दीवार” एवं “स्टडी कॉर्नर” की स्थापना, उपयोगिता एवं नियमित संचालन की प्रक्रिया पर व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। समापन सत्र में प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदुओं का पुनरावलोकन किया गया तथा प्रतिभागियों का पोस्ट ट्रेनिंग असेसमेंट एवं फीडबैक लिया गया।
इस अवसर पर विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक आशीष मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए केवल विषयगत ज्ञान पर्याप्त नहीं है। आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, नेतृत्व, सहयोग एवं अनुकूलनशीलता जैसे जीवन कौशल विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, रोजगार और जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर, अनूपपुर की प्राचार्य डॉ प्रमिला पांडेय ने कहा कि सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार शिक्षा विद्यार्थियों को केवल करियर एवं रोजगार के अवसरों से परिचित नहीं कराती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार एवं जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने वाला नागरिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में सभी प्रतिभागी शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक एवं सक्रिय सहभागिता निभाई। शिक्षकों ने प्रशिक्षण को उपयोगी, सहभागितापूर्ण एवं व्यवहारिक बताते हुए विद्यालयों में सीखी गई गतिविधियों एवं अवधारणाओं को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के सफल संचालन में प्राचार्य डॉ प्रमिला पांडेय, मास्टर ट्रेनर पुष्पेंद्र अहिरवार एवं श्रीमती सुमन का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा। वहीं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री मेघा दीवान एवं विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक आशीष मिश्रा के सतत मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए प्रतिभागियों एवं आयोजकों ने आभार व्यक्त किया।








