
“बोल बम” के जयघोष से गूंजी तपोभूमि
अमरकण्टक। श्रवण कुमार उपाध्याय। मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक श्रावण मास के प्रथम दिवस से ही मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक शिवभक्ति में सराबोर हो गई है । “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय भोले” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ नजर आने लगा है । हजारों कांवड़िये मां नर्मदा का पावन जल भरकर विभिन्न शिवधामों की ओर पदयात्रा पर निकल रहे हैं ।
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु अमरकंटक से नर्मदा जल लेकर भोरमदेव महादेव की ओर रवाना हो रहे हैं । वहीं बिलासपुर क्षेत्र के श्रद्धालु रतनपुर तथा शहडोल अंचल के कांवड़िये अमोलेश्वर धाम में जलाभिषेक के लिए प्रस्थान कर रहे हैं ।
श्रद्धालु सर्वप्रथम मां नर्मदा उद्गम मंदिर में पूजा-अर्चना कर कांवड़ आदि से नर्मदा जल लेकर जालेश्वर धाम जाकर भोले बाबा को जल चढ़ाते है , आशीर्वाद प्राप्त करते हैं । इसके बाद अन्य शिवालयों में दर्शन कर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं । मंदिरों में गूंजते मंत्रोच्चार , घंटियों की ध्वनि और शिवभक्तों के जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय बना हुआ है ।
श्रावण मास के शुभारंभ के साथ ही बाजारों , आश्रमों , धर्मशालाओं और मंदिर परिसरों में भी विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है । धार्मिक मान्यता के अनुसार मां नर्मदा के उद्गम से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख , शांति और समृद्धि आती है ।
श्रावण के प्रथम दिवस से शुरू हुई यह आस्था की यात्रा आगामी दिनों में और अधिक गति पकड़ेगी । मां नर्मदा की गोद से निकली यह भक्तिधारा विभिन्न शिवधामों तक पहुंचकर शिवभक्ति और सनातन संस्कृति की परंपरा को निरंतर सशक्त बना रही है ।








