अनूपपुर: ‘सार्थक ऐप’ पर उपस्थिति से राहत की मांग,l कृषि विस्तार अधिकारियों ने सौंपा ज्ञापन
पं अजय मिश्र
अनूपपुर। मध्य प्रदेश में कृषि विभाग की योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने वाले कृषि विस्तार अधिकारियों ने प्रदेश सरकार द्वारा अनिवार्य की गई ‘सार्थक ऐप’ पर उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया का विरोध शुरू कर दिया है। म.प्र. कृषि विस्तार अधिकारी संघ, जिला शाखा अनूपपुर ने अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को रेखांकित करते हुए जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
कार्य की जटिलता और व्यावहारिक चुनौतियां
ज्ञापन में संघ ने तर्क दिया है कि कृषि विस्तार अधिकारियों का कार्य क्षेत्र अत्यंत व्यापक है, जिसमें एक अधिकारी पर 40 से 50 गांवों की जिम्मेदारी होती है। अपनी समस्याओं को स्पष्ट करते हुए अधिकारियों ने निम्नलिखित बिंदु उठाए: वर्तमान में अधिकारी विभाग के मुख्य कार्यों के साथ-साथ सोयाबीन भावांतर, धान/गेहूं खरीदी, खाद वितरण और बी.एल.ओ (BLO) सर्वे जैसे अतिरिक्त कार्यों में भी व्यस्त रहते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि उनका कार्य पूर्णतः किसानों की उपलब्धता पर निर्भर करता है, जिसके कारण कार्य के घंटों की कोई निश्चित सीमा नहीं होती और उन्हें देर रात तक भी काम करना पड़ता है। देर रात तक कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहने के बाद ऐप पर उपस्थिति दर्ज करना महिला अधिकारियों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है। कई केंद्रों पर न तो बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही सरकारी आवास उपलब्ध हैं, जिससे ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से दैनिक उपस्थिति दर्ज करने में भौतिक कठिनाइयां आ रही हैं।
जिला अध्यक्ष महावीर सिंह मरावी के नेतृत्व में संघ ने स्पष्ट किया है कि वे प्रदेश को ‘किसान कल्याण वर्ष-2026’ के रूप में सफल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, अपनी कार्यप्रणाली में आ रही इन व्यावहारिक बाधाओं को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उन्हें ‘सार्थक ऐप’ के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए।संघ के प्रतिनिधियों ने विश्वास दिलाया है कि वे किसानों की सेवा और विभाग के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पहले की भांति तत्परता से कार्य करते रहेंगे।








