जरहा सेहरा टोला में सड़क न होने से छात्र छात्राएं परेशान

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घोरमारा जरहा मार्ग पर बरसात में नारकीय हालत

इस रोड के बारे में शासन एवं प्रशासन को अवगत कराते 10- 15 वर्ष हो गए, लेकिन अभी तक नहीं दिया जा रहा है ध्यान

करकेली।उमरिया। देबलाल सिंह।  जिले के अंतर्गत जनपद पंचायत करकेली के ग्राम पंचायत जरहा से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां घोरमारा से लगभग डेढ़ किलो मीटर जरहा में रोड तक पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीण जन, मांवेशियों, एवं कई ग्रामीणों का आना-जाना इसी रास्ते से होता है,और स्कूली बच्चे कई शालों से परेशानी भुगत रहे हैं। बरसात का मौसम शुरू होते ही यह समस्या एक बड़े संकट का रूप ले लेती है, जिससे बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा तों पर लग जाती है*।

*इतना भर नहीं*-बरसात के समय खेतों का पानी आता है तो ग्राम घोरमारा की जनता भयभीत होकर रहना पड़ता है कि कहीं ज्यादा बारिश होने पर पानी घरों में घुसने की संभावना डर का भय वना रहता है, यदि रोड पुलिया बन जाती है तो वह बरसात का पानी खेतों से बाहर पानी निकल जाएगा, डर का माहौल भी खत्म हो जाएगा,

*लकीचड़ और दलदल से गुजरकर स्कूल जाने को मजबूर हैं नौनिहाल
ग्राम पंचायत जरहा के *(जरहा के नाम से)* सेहरा टोला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित है!
इस स्कूल आसपास के कई गांवों से सैकड़ो छात्र छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। घोरमरा से जरहा को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह कच्चा और जर्जर है, वारिस होते ही पूरी सड़क घुटनों तक गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाती है।

साइकिलें कंधे हाथ में उठाकर चलते हैं बच्चे
स्थानीय ग्रामीण और छात्रों ने बताया कि बरसात के दिनों इस मार्ग से पैदल चलना भी दुबार हो जाता है। स्कूल आने जाने वाले छात्र-छात्राओं ने ने बताया कि अपनी साइकिल हाथों में उठाकर या कीचड़ में घसीटते हुए जाना पड़ता है। कपड़ों पर कीचड़ सन जाने के कारण कई बच्चों को बीच रास्ते से ही रोते हुए अपने घर वापस लौटना पड़ता है। यह समस्या सिर्फ बच्चों की पढ़ाई को ही प्रभावित नहीं कर रही बल्कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है कीचड़ और चलने वाली रास्तों के कारण आए दिन छात्र चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद शासन प्रशासन का ध्यान इस मूलभूत सुविधा की ओर नहीं आया। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की इस अनदेखी के कारण जरहक के बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो रहा है।

प्रशासन और सरकार से पक्की सड़क की मांग
ग्रामीण और पीड़ित छात्राओं ने मुख्यमंत्री जिला कलेक्टर उमरिया और करकेली जनपद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) से गुहार लगाई है कि इस समस्या का तुरंत संज्ञान लिया जाए ग्रामीणों की मांग है कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत, या अन्य किसी सरकारी योजना घोरमारा से जरहा मेन रोड तक पक्की सड़क एवं पुलिया का निर्माण कराया जाए, क्योंकि बरसात के समय इन चार महीनो में बच्चों को इस नारकीय सफर से मुक्ति मिल सके।।