
बिलासपुर। रेलवे बोर्ड द्वारा 30000 पदों को सरेंडर किए जाने एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ आज बिलासपुर जोन द्वारा जी.एम. कार्यालय, बिलासपुर के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारियों, पदाधिकारियों एवं शाखा प्रतिनिधियों ने भाग लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष श्री कमलेश सिंह के द्वारा किया गया, मंच का संचालन जोनल कार्यवाहक अध्यक्ष श्री विवेकानंद चंद्रा द्वारा किया गया कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय महामंत्री श्री संतोष पटेल जी शामिल हुए एवं जोनल सलाहकार श्री निमई बनर्जी जी व कार्यकारी महामंत्री बसंत महापात्रा की उपस्थिति रही । साथ ही साथ जोनल पदाधिकारियों में जोनल कोषाध्यक्ष श्री अभिषेक रेड्डी, जोनल उपाध्यक्ष श्री धानुक साहू, राजेश्वर नागपुरे एवं जोनल सहायक महामंत्री नूतन वर्मा, जोनल कार्यकारिणी सदस्य अनुज विश्वकर्मा, धर्मा राव, आर के पटेल, श्रीधर राव एवं मंडल से बिलासपुर मंडल अध्यक्ष राकेश साहू मंडल सचिव बिलासपुर श्री प्रोम्पी सिंह एवं रायपुर मंडल से मंडल अध्यक्ष टाटा बाबू राव, मंडल सचिव सूरज देवांगन एवं रायपुर (wrs) मंडल से मंडल अध्यक्ष सुशील सोनबेर, मंत्री डेरहा राम वर्मा एवं नागपुर मंडल से मंडल सचिव ध्रुव शर्मा की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में भारी संख्या में सभी ब्रांच के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए जिनमें ईश्वर लाल जांघेल, अंकित शुक्ला, अजय सिंह राठौर, नीतीश राय चौधरी, मनोज साहू, भागवत राठौर , वकील तिवारी, थानू राठौर, अनिल शर्मा, सन्नी कुमार , मंटू कुमार, गोविंद कौशिक, संजय यादव, शैलेश उपाध्याय, राम सिंह, आर के रवानी, संजय सिंह, पवन कुमार अनु दत्त, दीनानाथ, अभय राज, अमन राज, रणधीर कुमार, कुंदन कुमार, लेखराम साहू, चोला विजय साहू, पी शोम शेखर , उज्जवल दाश महंत, विक्रम कुमार रस्तोगी, आर के रवानी, एवं अन्य शामिल रहे ।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ने कहा कि एक ओर भारतीय रेल में ट्रेनों की संख्या, कार्यभार एवं यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है तथा रेलवे की सुरक्षा एवं कार्य व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि रेलवे केवल मशीनों से नहीं बल्कि कर्मचारियों की मेहनत, अनुभव एवं समर्पण से चलती है। यदि लगातार पद समाप्त किए जाते रहे तो इसका सीधा असर रेल संचालन एवं सुरक्षा पर पड़ेगा। संगठन ने मांग की कि सरेंडर किए गए पदों को तत्काल बहाल किया जाए तथा रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की जाए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर कर्मचारी हितों की रक्षा हेतु संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने रेलवे बोर्ड के निर्णय के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में महामंत्री श्री संतोष पटेल ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की एकता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।








