अनूपपुर: किसान आंदोलन: गेहूं खरीदी और बिजली कटौती के विरोध में किया चक्का जाम

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किसान आंदोलन: गेहूं खरीदी और बिजली कटौती के विरोध में किया चक्का जाम
जिले भर के किसानों ने किया हल्ला बोल प्रदर्शन
देर रात्रि तक सड़क में बैठे रहे हजारों किसान
ट्रैक्टर रैली निकाल किया विरोध प्रदर्शन


अनूपपुर। खाने को तो किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी माना जाता है लेकिन अब बदलते भारत की तस्वीर के आगे किसने की अहमियत लगातार घटती जा रही है जी हां व्यापारी वर्ग को पूरा समर्थन और किसानों का लगातार शोषण और कृषि उत्पादन का सही मूल्य न मिलना निश्चित तौर पर किसानों को नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य में गेहूं खरीदे जाने को लेकर प्रदेश भर में जहां किसान परेशान हैं तो वही अनूपपुर जिले में भी किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है जिस कारण से जिले भर के अधिकांश किसान परेशान हैं और अब अपनी मांग और स्लॉट बुकिंग और गेहूं बिक्री को लेकर शासन के विरुद्ध धरना प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।


अनूपपुर जिले में सोमवार 25 मई को जिले भर के हजारों किसानों ने सड़कों पर उतरकर ट्रैक्टर रैली निकालते हुए विरोध प्रदर्शन किया और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आपको बता दें कि अनूपपुर जिले में गेहूं की बिक्री को लेकर किसानों को काफी परेशान किया जा रहा है समर्थन मूल्य में गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है स्लॉट बुकिंग और पंजीयन के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है। वहीं जिले के अधिकांश क्षेत्र में विद्युत कटौती की मनमानी से भी किसान परेशान है और किसानों का कृषि कार्य पूरी तरह से चौपट हो रहा है। इसके विरोध में सोमवार को जिले भर के हजारों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय की सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया वहीं अंडरब्रिज मुख्य मार्ग में ट्रैक्टर जाम कर पूरा दिन चक्का जाम करके रखा वही यह प्रदर्शन देर रात्रि तक चला रहा। हालांकि दिन में जिला प्रशासन की ओर से कई बार किसानों को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन किसान कलेक्टर से मिलने और अपनी समस्या को तत्काल सुलझाने की बात को लेकर डटे रहे। लेकिन किसानों की मांग अब तक नहीं मानी गई है। समाचार लिखे जाने तक मिली जानकारी के अनुसार किसानों का प्रदर्शन धरना स्थल पर जारी है और किसानों का कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती हम यहीं पर डटे रहेंगे चाहे हमें जो कुछ करना पड़े।


समर्थन मूल्य में गेहूं खरीदी और अघोषित तरीके से मनमानी बिजली कटौती को लेकर जिले भर के किसानों में आक्रोश व्याप्त है किसानों का कहना है कि जब हम भी बिजली बिल जमा करते हैं तो हमें 8 घंटे बिजली क्यों दी जाती है जबकि शहर में 24 घंटे बिजली दी जाती है यदि हमारी बिजली काटी जाती है तो शहर की भी बिजली काटी जाए। वहीं जिले के किसानों ने बताया कि समर्थन मूल्य में गेहूं ना खरीदे जाने के कारण उन्हें काफी समस्या हो रही है खुले बाजार में गेहूं बिक्री करने में काफी कठिनाई आ रही है। बरहाल किसान अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं और जिला प्रशासन उन्हें समझाने के लिए प्रयासरत है। अब देखना यह होगा कि क्या किसान फिर से आश्वासन पाकर वापस लौट जाएंगे या फिर उनकी मांग को लेकर शान कोई बड़ा एक्शन लेकर सामने आती है।