
मकान में छत पर नसेनी से घुसी पुलिस, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस को देनी पड़ी सफाई
– मकान की छत पर सीढ़ी लगाकर चढ़ना पड़ा
शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। शिवपुरी जिले में एक साइबर ठग की तलाश में पुलिस को एक घर में तलाशी के लिए नसैनी का सहारा लेना पड़ा है। करैरा कस्बे में साइबर ठग की तलाश में पिछोर पुलिस पहुंची थी और मकान में ताला लगा होने के कारण छत के सहारे अंदर जाना पड़ा। इसके लिए नशेनी लगानी पड़ी। नशेनी लगाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब पुलिस ने इस मामले में सफाई दी है। पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए बताया है कि साइबर ठगी के मामले में फरार आरोपी दशरथ लोधी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी थी। सूचना मिली थी कि आरोपी दशरथ लोधी करैरा में देवेंद्र लोधी के मकान में छिपा है जब मकान का गेट नहीं खुला तो पुलिस ने सीढ़ी लगाकर अंदर प्रवेश किया और इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल –
करैरा में साइबर ठगी के फरार आरोपी की तलाश में दबिश देने पहुंची पिछोर थाना पुलिस का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में पुलिसकर्मी सीढ़ी लगाकर एक मकान की छत पर चढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। मामले में पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने अपना पक्ष रखा। एसडीओपी ने बताया कि वायरल वीडियो करैरा क्षेत्र का है। पुलिस साइबर ठगी के मामले में फरार आरोपी दशरथ लोधी की तलाश में दबिश देने पहुंची थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी दशरथ लोधी करैरा में देवेंद्र लोधी के मकान में छिपा है।
सीढ़ी लगाकर पुलिस मकान के अंदर पहुंचने का किया प्रयास-
पिछोर एसडीओपी ने बताया कि पुलिस ने काफी देर तक मकान का गेट खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन गेट नहीं खोला गया। इसके बाद आमजन की मदद से सीढ़ी लगाकर पुलिस मकान के अंदर पहुंचने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो में पुलिस द्वारा किसी के साथ अभद्रता या मारपीट नहीं की गई है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गया था। एसडीओपी ने आरोप लगाया कि मकान मालिक देवेंद्र लोधी ने अपने घर के सीसीटीवी फुटेज वायरल कर पुलिस विभाग को बदनाम करने का प्रयास किया है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से करते थे ठगी-
पुलिस ने बताया है कि पिछोर पुलिस ने 15 मार्च को कछौआ के जंगल से साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपियों चंद्रशेखर लोधी, ठाकुर लोधी और भोला लोधी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी फर्जी मोबाइल सिम और नकली अरेस्ट वारंट का इस्तेमाल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते थे और ‘डिजिटल अरेस्टÓ के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। इसी मामले में दशरथ लोधी को भी आरोपी बनाया गया था, जो तभी से फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि देवेंद्र लोधी की कुछ साल पहले तक आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन कम समय में उसने मकान और अन्य संपत्तियां खड़ी कर ली हैं। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।








