अनूपपुर: जिला मुख्यालय अनूपपुर में बदहाल यातायात व्यवस्था, शंकर मंदिर चौक पर पैदल चलना भी मुश्किल

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जिला मुख्यालय अनूपपुर में बदहाल यातायात व्यवस्था, शंकर मंदिर चौक पर पैदल चलना भी मुश्किल
सड़क तक फैली दुकानों और बेतरतीब यातायात से राहगीर परेशान, त्योहारों में बढ़ी परेशानी


अनूपपुर। जिला मुख्यालय अनूपपुर के प्रमुख शंकर मंदिर चौक की यातायात व्यवस्था इन दिनों बदहाल नजर आ रही है। सड़क किनारे लगने वाली दुकानों, बेतरतीब खड़े वाहनों और लगातार बढ़ते आवागमन के कारण राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर पैदल चलने के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बचती।
त्योहारों का समय होने के कारण बाजार में लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। ऐसे में शंकर मंदिर चौक और आसपास के क्षेत्र में सड़क पर दुकानें लगने से सड़क का उपयोग प्रभावित हो रहा है। खरीदारी के लिए आने वाले लोग, दोपहिया वाहन और अन्य वाहन एक ही स्थान पर जाम की स्थिति पैदा कर देते हैं।

सड़क पर दुकानें, राहगीर कहां जाएं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और फुटपाथ के हिस्से में अस्थायी दुकानें लगने के कारण पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है। व्यस्त समय में यह स्थिति विशेष रूप से परेशानी वाली हो जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सड़क से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
सवाल यह है कि यदि सार्वजनिक आवागमन के लिए बनाई गई सड़क और पैदल चलने की जगह पर लगातार अतिक्रमण या दुकानें लगती रहेंगी, तो राहगीरों की सुविधा और सुरक्षा का जिम्मेदार कौन होगा?

यातायात पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल

शंकर मंदिर चौक जैसे व्यस्त क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पीक टाइम में प्रभावी यातायात प्रबंधन और सड़क किनारे अव्यवस्थित खड़े वाहनों पर कार्रवाई पर्याप्त दिखाई नहीं देती।
त्योहारों के दौरान यातायात का दबाव पहले से बढ़ जाता है। ऐसे में पहले से यातायात प्लान तैयार कर दुकानों और वाहनों को व्यवस्थित करने की जरूरत थी। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है।

नगर पालिका की कार्रवाई पर भी सवाल

सड़क किनारे दुकानें लगने और सार्वजनिक स्थानों के व्यवस्थित उपयोग को लेकर नगर पालिका अनूपपुर की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भीड़ और बाजार की गतिविधियों को देखते हुए नगर पालिका को चिन्हित स्थानों पर व्यवस्थित बाजार व्यवस्था, अतिक्रमण नियंत्रण और पैदल आवागमन के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
लोगों का कहना है कि केवल कभी-कभार कार्रवाई करने के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत है। यदि सड़क पर दुकानें लगने की अनुमति नहीं है, तो नियमों का समान रूप से पालन कराया जाना चाहिए और यदि निर्धारित क्षेत्र में दुकानें लगाई जा सकती हैं, तो उनकी स्पष्ट व्यवस्था नगर पालिका को करनी चाहिए।

बड़ी दुर्घटना के बाद जागेंगे जिम्मेदार?

सबसे बड़ा सवाल राहगीरों की सुरक्षा को लेकर है। जब सड़क पर पैदल चलने वालों और वाहनों के बीच पर्याप्त दूरी नहीं रहती, तो दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय अभी से व्यवस्था सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। ऐसे में यातायात पुलिस अनूपपुर के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी भीड़ और ऊपर से जाम में बड़े वाहनों को भी एंट्री मिल रही है जिससे साफ जाहिर होता है कि यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली सही नहीं दिखाई दे रही है।

 

Noteबड़े वाहन को प्रवेश देने में विशेष पुलिस वाले का हाथ