
विधायक मार्को के पत्र से मचा सियासी भूचाल
क्या जवाबदेही से बच रहा है ट्रस्ट?
अनूपपुर। राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण के बाद मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को अब एक और पत्र के कारण चर्चा में हैं। ट्रस्ट की पारदर्शिता, करोड़ों की संपत्ति और वित्तीय जवाबदेही पर सवाल उठाने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने कलेक्टर अनूपपुर को पत्र लिखकर ट्रस्ट की बैठक की तिथि पुनर्निर्धारित करने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने अमरकंटक की सियासत और ट्रस्ट प्रबंधन को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट इन दिनों लगातार विवादों और सवालों के घेरे में है। पहले विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने ट्रस्ट की आय-व्यय, करोड़ों रुपये के चढ़ावे, सोना-चांदी, चल-अचल संपत्तियों और विकास कार्यों का सार्वजनिक लेखा-जोखा जारी करने की मांग उठाकर ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए। इसी बीच ट्रस्ट की बैठक पहले 15 जुलाई को प्रस्तावित थी, जिसे स्थगित कर 18 जुलाई निर्धारित किया गया। अब विधायक ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बैठक की तिथि फिर से बदलने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि 20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जिससे सांसद और विधायक सहित कई सदस्य शासकीय दायित्वों में व्यस्त रहेंगे। उनका आग्रह है कि सभी सदस्यों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नई तिथि तय की जाए, ताकि ट्रस्ट के महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा और निर्णय हो सके।
करोड़ों के हिसाब पर सवाल
कुछ दिन पहले विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने सार्वजनिक रूप से पूछा था कि मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट के पास वर्षों से आए करोड़ों रुपये के चढ़ावे, सोना-चांदी और अन्य संपत्तियों का विस्तृत लेखा-जोखा जनता के सामने क्यों नहीं रखा जाता। इस बयान के बाद ट्रस्ट की बैठक होने वाली थी, लेकिन अब बैठक की तिथि बदलने की मांग वाला पत्र सामने आने से पूरे घटनाक्रम ने नया राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ ले लिया है।
विधायक बोले -3 सभी सदस्य रहें मौजूद
कलेक्टर को भेजे गए पत्र में विधायक ने कहा है कि मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में सांसद, विधायक और अन्य सभी सदस्यों की उपस्थिति जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले जनप्रतिनिधियों की व्यस्तता बढ़ जाती है। इसलिए बैठक ऐसी तिथि पर हो, जिसमें सभी सदस्य शामिल होकर ट्रस्ट से जुड़े अहम मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श कर सकें।
ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर पहले से उठ रहे है सवाल
विधायक पहले ही ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता, विकास कार्यों और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना रहा है कि यदि ट्रस्ट आर्थिक रूप से सक्षम है तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान क्यों होना पड़ता है। उन्होंने ट्रस्ट की आय-व्यय, संपत्तियों और विकास योजनाओं का सार्वजनिक विवरण जारी करने की मांग भी की थी, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हो सके।
क्या बैठक में होंगे बड़े फैसले? बढ़ी उत्सुकता
ट्रस्ट की बैठक को लेकर अब लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है। माना जा रहा है कि बैठक में मंदिर प्रबंधन, विकास कार्यों और प्रशासनिक विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। हालांकि बैठक की तिथि बदले जाने की मांग के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर नई तारीख कब तय होगी और क्या विधायक द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक जवाब सामने आएगा।
अब ट्रस्ट और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
विधायक का पत्र सामने आने के बाद अब सबकी निगाहें ट्रस्ट प्रबंधन, कलेक्टर और संभागीय आयुक्त पर हैं। क्या बैठक की तिथि बदली जाएगी? क्या ट्रस्ट अपनी वित्तीय व्यवस्था और विकास कार्यों का सार्वजनिक विवरण जारी करेगा? या फिर केवल बैठक आयोजित कर औपचारिकता पूरी की जाएगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में न केवल ट्रस्ट की कार्यप्रणाली बल्कि उसकी पारदर्शिता पर भी जनता का भरोसा तय करेंगे।








