सिंध जलावर्धन योजना के तहत बने सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट की मशीनें खराब
– 100 करोड़ खर्च होने के बाद भी पीने के पानी के लिए हाहाकार
– सिंधिया के क्षेत्र में हालात यह हैं कि लोग हाथों में कट्टी, बाल्टी और डिब्बे लेकर पानी के लिए भटक रहे हैं
शिवपुरी। रंजीत गुप्ता। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र शिवपुरी में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट गहरा गया है। सिंध जलावर्धन योजना के तहत पाइपलाइन से पानी की सप्लाई पिछले 15 दिन से पूरी तरह बंद है। हालात यह हैं कि लोग हाथों में कट्टी, बाल्टी और डिब्बे लेकर सुबह से शाम तक पानी के लिए भटक रहे हैं। शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र के आर्य समाज रोड़, कस्टम गेट, न्यू ब्लॉक, कमलागंज, फिजीकल कॉलेज रोड, सर्किट हाउस रोड, नवाब साहब रोड, पुरानी शिवपुरी, कोर्ट रोड सहित आधे शहर में हाहाकार मचा है। महिलाओं और बच्चों को 2-3 किलोमीटर दूर हैंडपंपों पर लाइन लगानी पड़ रही है। इस समस्या के बीच नगर पालिका ने कुछ टैंकरों से पानी की सप्लाई की है लेकिन टैंकरों से हो रही सप्लाई भी नाकाफी साबित हो रही है।
आपसी खींचतान में जनता पिस रही है-
शिवपुरी शहर में सिंध जलावर्धन योजना के तहत पाइप लाइन से पानी की सप्लाई होती है। सप्लाई ठप होने की बड़ी वजह सतनवाड़ा स्थित फिल्टर प्लांट की मशीनें खराब होना बताई जा रही है। 15 दिन से मशीनें बंद पड़ी हैं, लेकिन सुधार कार्य धीमा है। इसको लेकर नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और सीएमओ इशांक धाकड़ के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। अध्यक्ष का आरोप है कि सीएमओ समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहे। नपाध्यक्ष ने सीएमओ पर कई आरोप लगाए। वहीं दूसरी ओर सीएमओ ने तकनीकी खराबी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। अधिकारियों की इस आपसी खींचतान में जनता पिस रही है।
योजना पर 100 करोड़ खर्च फिर भी पानी नहीं मिल रहा-
शिवपुरी शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए सिंध जलावर्धन योजना के तहत पाइपलाइन और सप्लाई सिस्टम पर अब तक 100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद हर साल गर्मी में शहर की जनता बूंद-बूंद को तरसती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए कि आज जनता इस गर्मी में पीने के पानी को तरस रही है। सांसद व विधायक शहर के विकास के बड़े- बड़े वादे करते हैं लेकिन लोगों को पानी तक नहीं मिल रहा। जनता का कहना है कि सिंध जलावर्धन योजना पर 100 करोड़ खर्च हुए, फिर भी कट्टी लेकर घूमना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि खराब मोटरों को सुधारने का काम किया जा रहा है जिससे सप्लाई बहाल हो सके। लेकिन सवाल यही है कि हर साल करोड़ों खर्च होने के बाद भी शिवपुरी की जनता कब तक पानी के लिए भटकेगी?








