November 30, 2022 10:52 pm

अनूपपुर, नगर में बढ़ती चोरी कि घटनाऐं कई संदेह कि तरफ कर रहा है इंगित

Traffictail

 

डर के साये में रहते है लोग
अनूपपुर। क्षेत्र का कबाड़ कारोबारी इन दिनों अपने धंधे में पूरी तरह से सक्रियता दिखाने लगा है। वहीं नगर में चोरी कि घटनाओं पर भी दिन-प्रतिदिन वृद्धि होने लगी है। कबाड़ चोरी कि यह वारदात काॅलरी के वर्कशाॅप व खदानों में रखे लोहे कि कीमती कलपुर्जों कि चोरी तक ही सीमित नही रह गया है। बल्कि इन घटनाओं कि आंच अब बाजार में खडी मोटर सायकलों पर भी पड़ने लगा है। जिससे क्षेत्रभर में दिन-प्रतिदिन लाखों रूपये के तार, लोहा, सरिया, सहित इत्यादी समान जिनका उपयोग कबाड़ के व्यापार में किया जा सके।
पुलिस प्रषासन के लिये चुनौती
जिस पर अंकुश लगाना पुलिस प्रशासन के लिऐ अब आवश्यक हो चला है। थाना क्षेत्र के लोगों कि मानें तो इन दिनों वह अपने निजी वाहन से बाजार जाने में बेहद डर महसूस करते हैं। कि कहीं उनकी मोटर सायकल बाजार से चोरी ना हो जाऐ। लोग इस वजह से अब बहुत अधिक आवश्यक होने पर ही बाजार कि तरफ रुख करते हैं। अन्यथा अन्य जरूरी समानों कि खरीददारी छोटे दुकानों में ही कर घर पर रहना पसंद करते हैं। या फिर स्वयं के वाहनों को घर पर छोड़कर दूसरों के साथ आवागमन करते हैं।
कबाड़ कारोबार संचालित होने पर चोरी कि घटनाऐं चरम सीमा पर
नगर में जब कभी भी कबाड़ का कारोबार अपनी चरम सीमा पर होता है, तब थाना क्षेत्र में चोरी कि घटनाऐं स्वतः बढ़ने लगती है। इन दिनों भी नगर कि हालात कुछ ऐसी ही बानगी को बयां करती है। कबाड़ माफिया जहां इन दिनों अपने कारोबार कि चरम पर है। और दिन प्रतिदिन क्षेत्र कि काॅलरी खदानों सहित अन्य स्थानों पर लाखों कि कीमती समानों को निशाना बना रहा है। वहीं नगर में एकाएक मोटर सायकल वाहनों कि चोरी भी कयी तरह के सवालों को जन्म दे रही है।
प्रशासन को सर्वहित में कबाड़ कारोबार पर अंकुश लगाने कि है आवश्यकता
काॅलरी वर्कशाॅप सहित खदानों से जहां प्रतिदिन समानों कि हो रही चोरियों से शासन-प्रशासन को आर्थिक क्षति पहुंच रही है। वहीं बजार में भी बढ़ रही मोटर सायकल कि चोरियों से आम जनता को भारी नुकसान पहुंच रहा है। जिस पर संज्ञान लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन को कार्यवाही करने कि आवष्यकता है। नही तो यह घटनाऐं आगामी समय में किसी बडी घटनाओं के रूप में तब्दील हो जाऐगी। ऐसी संभावनाओं को बिल्कुल भी नकारा नही जा सकता है।
खदानों में सीआईएसएफ की गई तैनाती
शासन द्वारा खदानों में हो रही कोयला, सहित अन्य कलपुर्जों कि चोरियों को रोकने के लिऐ बिजुरी क्षेत्र के खदानों में सीआईएसएफ कि तैनाती कि गयी है। लेकिन शासन के यह तैनात कर्मी बेशक किसी भी काम के नजर नही आ रहे हैं। सीआईएसएफ कि तैनातियों के बाद भी क्षेत्र में संचालित अवैध ईंट भट्ठे सहित होटल, दुकान आदी स्थानों में कोयले का उपयोग पूर्व कि तरह ही जारी है। वहीं खदानों सहित काॅलरी के वर्कशाॅप में चोरियां भी हो रही है। फिर किस काम कि है। इनकी तैनाती यह समझ से परे है। बल्कि सीआईएसएफ के जवानों कि तैनाती क्षेत्र में जबसे हुयी है तबसे इनके गुण्डागर्दी का शिकार आम नागरिक जरूर हो रहा है। और आऐ दिन इनके द्वारा किऐ जाने वाले विवादों कि वजह से क्षेत्र कि शान्ति व्यवस्था अवश्य ही खराब हुयी है।

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