पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सचिव संगठन ने उठाई मांग, 14 और 15 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय
देपालपुर। संदीप सेन। स्वामित्व योजना के कार्य को लेकर पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायक सचिवों पर राजस्व विभाग द्वारा कथित रूप से अनावश्यक दबाव बनाए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सचिव संगठन, ब्लॉक देपालपुर ने जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूजा मालाकार को ज्ञापन सौंपकर समस्या के निराकरण की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सचिव पहले से ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शासकीय कार्यों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में राजस्व विभाग से संबंधित स्वामित्व योजना का कार्य कराने के लिए उन पर अतिरिक्त दबाव बनाया जाना व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न कर रहा है। संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सचिव मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री आवास योजना, विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण), कर वसूली, स्वच्छ भारत मिशन, पेंशन योजनाओं, संबल योजना, पंचायत दर्पण पोर्टल, जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन, पेयजल व्यवस्था तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान करने सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा शाम पांच बजे के बाद भी फोन कर पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायक सचिवों को कार्यालय बुलाने, लैपटॉप लेकर आने और स्वामित्व योजना का कार्य करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इससे कर्मचारियों को व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, उनके नियमित विभागीय कार्य भी प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
राजस्व विभाग से संबंधित कार्य उसी विभाग के कर्मचारियों से कराने की मांग
संगठन ने मांग की कि स्वामित्व योजना के कार्य को लेकर पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायक सचिवों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव पर रोक लगाई जाए। शाम पांच बजे के बाद तथा शासकीय अवकाश के दिनों में कर्मचारियों को फोन कर कार्यालय बुलाने और कार्य करने के लिए दबाव बनाए जाने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही, स्वामित्व योजना के अंतर्गत राजस्व विभाग से संबंधित दायित्वों का निर्वहन उसी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कराया जाए, ताकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के नियमित कार्य प्रभावित न हों। ज्ञापन में संगठन ने यह भी कहा कि राजस्व संबंधी कार्यों का पर्याप्त अनुभव नहीं होने के कारण पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायक सचिवों को स्वामित्व योजना का कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने अपनी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव से राहत प्रदान करने की अपील की।
दो दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय
ज्ञापन के अनुसार, समस्या के निराकरण और विरोध दर्ज कराने के लिए संगठन के निर्णय के तहत इंदौर जिले के पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक सचिव 14 एवं 15 अक्टूबर 2026 को दो दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहने की सूचना देते हुए ज्ञापन प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अवसर पर जनपद सीईओ पूजा मालाकार, पंचायत इंस्पेक्टर अजय जायसवाल, भूपेन्द्र मकवाना, रमेश वर्मा, योगेश कड़लूवा, कृष्णपाल सिंह, राधेश्याम राठौर, विक्रम सिंह नागर तथा सहायक संघ के अध्यक्ष लाखन सिंह नागर सहित अन्य साथी उपस्थित रहे। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और उनकी समस्याओं का उचित निराकरण किया जाए।







