अनूपपुर: प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में पहुंचे डिप्टी कमिश्नर, छात्राओं के साथ किया संवाद

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प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में पहुंचे डिप्टी कमिश्नर, छात्राओं के साथ किया संवाद


“मार्गदर्शन सही हो तो दीपक का प्रकाश भी सूरज बन जाता है” — डिप्टी कमिश्नर
जीवन में लक्ष्य निर्धारण के साथ निरंतर मेहनत करने का दिया संदेश


अनूपपुर। कन्या शिक्षा परिसर अनूपपुर में छात्राओं के मार्गदर्शन एवं उनके व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से प्रेरणा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डिप्टी कमिश्नर ने पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और शिक्षा, लक्ष्य निर्धारण, मेहनत तथा भविष्य की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
संवाद के दौरान डिप्टी कमिश्नर जनजातीय कार्य विभाग शहडोल संभाग, जेपी यादव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करना आवश्यक है। लक्ष्य स्पष्ट होने के बाद उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही दिशा में किया गया प्रयास व्यक्ति को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “मार्गदर्शन सही हो तो दीपक का प्रकाश भी सूरज बन जाता है।” उन्होंने छात्राओं से कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर आगे बढ़ने की क्षमता होती है, आवश्यकता केवल उस क्षमता को पहचानने और सही दिशा में उसका उपयोग करने की है। वहीं उन्होंने अपने जीवन के संघर्ष और विभिन्न उदाहरण के माध्यम से छात्राओं को यह बताने का प्रयास किया की कड़ी मेहनत से सब कुछ हासिल किया जा सकता है जैसे उन्होंने कड़ी मेहनत करके जमीन से आसमां तक का सफर तय किया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी संवाद में उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा अपनी जिज्ञासाओं और भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की। डिप्टी कमिश्नर ने छात्राओं की बातों को सुना और उन्हें शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास एवं कौशल विकास पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम के अंत में डिप्टी कमिश्नर ने शिक्षकों से संवाद करते हुए उनका परिचय लिया और छात्राओं के बेहतर भविष्य में सही दिशा में मार्गदर्शन और शिक्षा देने की बात कही। संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्राचार्य डॉ प्रमिला पांडेय समेत समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रही और उनके संवाद को सुना और समझने का प्रयास किया।