अमरकंटक में दिनभर बरसे मेघ , ठंड की आगोश में सिमटा क्षेत्र

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23 डिग्री पर पहुंचा तापमान,रिमझिम फुहारों और ठंडी हवाओं से बढ़ी सिहरन,पर्यटकों को भाया सुहावना मौसम

अमरकण्टक।  श्रवण कुमार उपाध्याय। अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में गुरुवार को दिनभर हुई बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया । सुबह से लेकर शाम तक कभी तेज तो कभी रिमझिम फुहारों का सिलसिला जारी रहा जिससे पूरा नगर ठंड की आगोश में सिमट गया । घने बादलों , ठंडी हवाओं और लगातार होती वर्षा ने सितंबर के अंतिम सप्ताह में ही सर्द मौसम का अहसास करा दिया ।

बुधवार रात्रि से ही आसमान में काले बादलों ने डेरा जमा लिया था जिससे हल्का बूंदा बंदी , रिमझिम हुई । गुरुवार सुबह होते ही वर्षा का दौर शुरू हो गया जो दिनभर रुक-रुककर जारी रहा । बादलों की घनी परतों के कारण सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके । ठंडी हवाओं के बीच होती वर्षा ने वातावरण में नमी बढ़ा दी और तापमान में गिरावट दर्ज की गई । मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को हल्की सर्दी का अनुभव होने लगा ।

लगातार बारिश का असर जनजीवन पर भी दिखाई दिया । नगर की सड़कों , बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सामान्य दिनों की अपेक्षा कम चहल-पहल रही । खुले स्थानों पर कार्य करने वाले श्रमिकों एवं मजदूरों को कामकाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा । दैनिक मजदूरी पर निर्भर लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई जबकि कई निर्माण एवं बाहरी कार्य दिनभर बाधित रहे ।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार ओडिशा क्षेत्र में सक्रिय चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से अमरकंटक सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां बढ़ी हैं । पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही थी लेकिन गुरुवार को पूरे दिन हुई वर्षा और चल रही हवाओं ने ठंडक को और अधिक बढ़ा दिया ।
बारिश के बाद अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बन रही थी । बादलों की चादर में लिपटी पहाड़ियां , वर्षा से धुली हरियाली और ठंडी हवाओं के झोंकों ने पर्यटन नगरी की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए । प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस पर्वतीय क्षेत्र में मौसम का मनमोहक रूप स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी खूब आकर्षित करता नजर आया ।
गुरुवार को अमरकंटक का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया । वहीं वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 17 रहा जो स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का संकेत है । दिनभर बादलों की मौजूदगी , ठंडी हवाओं और लगातार होती वर्षा ने अमरकंटक को एक बार फिर अपने विशिष्ट पहाड़ी स्वरूप में ला खड़ा किया । सितंबर माह के अंतिम दिनों में मौसम की इस करवट ने क्षेत्र में आने वाले शीतकाल की आहट भी महसूस करा दी है ।