किसानों के हित में उठी बड़ी मांग

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मोतीसिंह पटेल ने दुग्ध क्रय दर 850 रुपये प्रति किलो फैट करने पत्र लिखा

देपालपुर। संदीप सेन। इंदौर सहकारी दुग्ध संघ मर्यादित से जुड़े हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों के हक़ और भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। महंगाई और लगातार बढ़ती उत्पादन लागत के बीच किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले, इसके लिए इंदौर सरकारी दूध संघ मर्यादित के पूर्व अध्यक्ष मोतीसिंह पटेल ने मोर्चा खोल दिया है। पटेल ने भोपाल स्थित एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक एवं इंदौर दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट कहा है कि यदि संघ ने दुग्ध क्रय दर में तत्काल बढ़ोतरी नहीं की, तो किसान वर्ग प्राइवेट डेयरियों की ओर रुख कर सकता है। पत्र में पटेल ने उल्लेख किया है कि भोपाल दुग्ध संघ ने 1 सितंबर 2025 से दुग्ध क्रय दर को बढ़ाकर 840 रुपये प्रति किलो फैट कर दिया है। वहीं, इंदौर संभाग में सक्रिय प्राइवेट डेयरियां और व्यापारी पहले ही किसानों को 8.70 से 8.80 रुपये प्रति किलो फैट तक का मूल्य दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि इंदौर दुग्ध संघ दरों को प्रतिस्पर्धी नहीं बनाता, तो किसानों का भरोसा टूटना तय है। मोतीसिंह पटेल ने कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में हमेशा यह प्रयास रहा कि संघ से जुड़े किसानों को अधिकतम लाभकारी दर मिले। आज हालात यह हैं कि महंगाई और उत्पादन लागत दोनों तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में इंदौर दुग्ध संघ के लिए आवश्यक है कि वह भी दुग्ध क्रय दर को 850 रुपये प्रति किलो फैट तक बढ़ाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके और संघ की साख बनी रहे। गौरतलब है कि संघ के साथ लंबे समय से जुड़े किसान भी इस मांग को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि अगर संघ समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता तो निजी डेयरियों का दबदबा और बढ़ेगा, और संघ को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि क्या इंदौर दुग्ध संघ किसानों की इस जायज़ मांग को पूरा करेगा या फिर किसानों का रुख निजी डेयरियों की ओर मुड़ जाएगा।