अनुपपुर: कैसे मिलेगी आदिवासी बच्चों को शिक्षा अच्छी शिक्षा, 25 के जगह मात्र 6 टीचर चला रहे विद्यालय

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कैसे मिलेगी आदिवासी बच्चों को शिक्षा अच्छी शिक्षा 25 के जगह मात्र 6 टीचर पढ़ा रहे विद्यालय मे


अनूपपुर। 1 अप्रैल से शुरू हो गया नया शिक्षा सत्र लेकिन स्कूलों के ये 20 की जरूरत लेकिन एक शिक्षक के भरोसे चल म रहे प्रदेश के 12 एकलव्य आवासीय अनूपपुर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कहीं तो कुल संख्या 25 होनी चाहिए थी लेकिन सत्र चालू हुए आज 10 दिन हो चुके हैं अभी तक मात्र 5 से 6 अध्यापक छात्रों को मवेशियों होता है की तरह बैठ के पढ़ रहे हैं ट्राइबल विभाग एवं एक कलेक्टर इन सब का भी ध्यान आकर्षित नहीं हो रहा है।
*इन स्कूलों में चार से कम नियमित शिक्षक*
शिक्षा के लिए केंद्र और राज्य सरकार भले ही लव्य आदर्श आवासीय कई तरह के स्कूल खोल रही हो लेकिन पहले से संचालित स्कूल आज भी एक-एक शिक्षकों के सहारे चल रहे हैं। प्रदेशभर में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का संचालन एमपीसरस कर रही है। इनमें से 12 स्कूल तो सिर्फ एक- एक शिक्षक के सहारे ही चल रहे हैं। वहीं 12 स्कूलों में दो-दो, तीन-तीन और 4 स्कूलों में चार- चार नियमित शिक्षक पदस्थ हैं। जबकि 6वीं से 12वीं तक चल रहे स्कूल के लिए 20 से अधिक शिक्षकों की जरूरत है। केंद्र और राज्य सरकार प्रदेश में पीएमश्री, सीएम राइज सहित अन्य कई स्कूल खोल रही लेकिन पहले से संचालित स्कूलों की हालत खराब है। सिर्फ एक-एक शिक्षक के भरोसे ही स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। एक ओर तो सरकार आदिवासियों के लिए अच्छी शिक्षा व्यवस्था के दावे कर रही तो वहीं दूसरी और हकीकत इसके उलट है। आदिवासियों के लिए खोले गए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक है। एमपीसरस (मध्यप्रदेश स्पेशल एंड रेसिडेंशियल एकेडमिक सोसायटी) द्वारा रतलाम जिले के बाजना और सैलाना सहित प्रदेश के अन्य जिलों में करीब 63 एकलव्य विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं।
हरदा, टंसार सीधी, तामिया छिंदवाड़ा, रोशनी खंडवा, बरगवां सिंगरौली, वाले स्कूलः बुदनी सीहोर, भैंसदेही बैतूल, निवाली बड़वानी, गंधवानी चार शिक्षक वाले स्कूलः गुरुकुलम शहडोल, गरडावद धार, खकनार
अतिथि शिक्षकों को किया सेवा मुक्त प्रदेशभर के इन विद्यालयों में *अतिथि शिक्षकों के भरोसे*
*पढ़ाई चल रही थी लेकिन* एमपीसरस ने 1 अप्रैल से अतिथि शिक्षकों को सेवा मुक्त कर दिया है। इस कारण यहां परेशानियां शुरू हो गई हैं। बाजना में 6 तो सैलाना में 34 अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे। इसी तरह से प्रदेश अन्य स्कूलों में भी अतिथि शिक्षक रखे गए थे। रतलाम जिले के बाजना और सैलाना ब्लॉक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। बाजना में सिर्फ प्राचार्य पदस्थ हैं। प्राचार्य पीएस चंदेल ने बताया कि अभी छठी से आठवीं तक स्कूल चल रहा तो 6 अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे।
एक शिक्षक वाले स्कूल : श्योपुर, पाटी बड़वानी, बाजना रतलाम, जैतपुर शहडोल, खरगोन व झिरन्या खरगोन, सोण्डवा जा आलीराजपुर, घुघरी व नारायणगंज अग मंडला, मोरडुण्डिया व मेघनगर कां झाबुआ, करंजिया डिंडौरी दो शिक्षक वाले स्कूलः रहटगांव लग सेजावाड़ा आलीराजपुर तीन शिक्षक धार, हर्रई छिंदवाड़ा, शहपुरा डिण्डौरी बुरहानपुर, मेंहदवानी डिंडौरी।
*राजस्थान में सेवा आगे बढ़ाई*
राजस्थान स्टेट एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल सोसायटी ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में पहले से पढ़ा रहे शिक्षकों की सेवाएं आगे बढ़ा दी हैं। ईएमआरएस सोसायटी के सदस्य सचिव अनिल कुमार शर्मा ने सभी प्रधानाचार्यों को आदेश भी जारी कर दिया है। इससे यहां नियमित पढ़ाई शुरू हो गई है। अतिथि शिक्षक हटाने से यह स्थिति बनी है। इससे शिक्षकों की कमी हो गई है। इसकी जानकारी हमने भोपाल दे दी है। पत्र भी लिखा है ताकि शिक्षकों की नियुक्ति हो सके। रंजना सिंह, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग।

 

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