घुलघुली /उमरिया। देवलाल सिंह। उमरिया और डिंडोरी जिले की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध *अमोल आश्रम धाम (अमोल खोह) में श्री श्री 1008 श्री महामंडलेश्वर भगत गिरी (बच्चू महाराज) जी का 75वां पावन जन्म महोत्सव* बेहद गरिमामयी और भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक और धार्मिक उत्सव में देश-प्रदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाराज जी का आशीर्वाद लेने पहुँचे।
धार्मिक कार्यक्रमों की रही धूम
इस पावन महोत्सव की शुरुआत 22 सितंबर से हुई, जहाँ संस्कृत कार्यक्रमों के साथ ही अखंड मानस कीर्तन, भजन, पाठ, पूजन और हवन का भव्य आयोजन किया गया। इसके अगले दिन 23 सितंबर,*कितना अच्छा शुभ अवसर “””वामन जयंती, भुनेश्वरी जयंती “” के दिन बुधवार को महाराज जी का जन्म महोत्सव का भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ*। मुख्य दिवस पर सर्वप्रथम संत रतन गिरी महाराज जी द्वारा विधि-विधान वेद मंत्रों से उच्चारण कर पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का विधिपूर्वक शुभारंभ किया गया।
*आश्रम प्रबंधन और आयोजन समिति द्वारा सभी पधारे हुए , पूर्व कैबिनेट मंत्री व पूर्व सांसद श्री ज्ञान सिंह जी, योगेश्वर धाम से पधारे हुए शास्त्री श्री श्रीकांत शर्मा जी उचेहरा धाम के प्रमुख बड़े महाराज जी, भोपाल से पधारे हुए यस यन चंदेल, अतिथियों का शाल और श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत व सम्मान किया गया, एवं अमोल सेवक संघ के सदस्य द्वारा एक-एक बैग वितरण किया गया*।
*महाराज जी का अमृतमयी उद्बोधन व आशीर्वाद*
इस पावन अवसर पर पूज्य बच्चू महाराज जी ने अपनी अमृतमयी वाणी से उपस्थित विशाल भक्त समुदाय को संबोधित किया। महाराज जी ने अपने उद्बोधन में कहा, “मानव जीवन का परम लक्ष्य सेवा, सिमरन और परोपकार है। हमें सदैव धर्म के मार्ग पर चलते हुए समाज के कल्याण में अपना योगदान देना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने भगवान भोलेनाथ से सभी के मंगल, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए उपस्थित सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया।

विशाल भंडारे के साथ समापन
जन्मोत्सव में उमरिया -डिंडोरी ,पाली, शहडोल, जबलपुर ,सागर, सिवनी, नौरोजाबाद , उचेहरा धाम,,घुलघुली ,रहठा, कोहका,नयागांव, कटंगी , सकरवार ,नरवार धनगी ,सहिजना,शहपुरा, और क्षेत्र के आसपास अन्य गांवों भक्तों सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों और छत्तीसगढ़ व भोपाल से हजारों श्रद्धालु शामिलहुए। कार्यक्रम के सफल समापन के पश्चात एक *विशाल भंडारे* का आयोजन किया गया, जिसमें कन्या भोज, कराकर संत ब्राह्मण भोज, के बाद, विशाल भंडारे में हजारों भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया, इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अमोल सेवक संघ के पदाधिकारी गण, एवं सदस्य गणों का सहयोग सराहनी रहा ।।








